मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीति हर क्षेत्र में हो सकती है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में राजनीति नहीं होनी चाहिए। विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण की जगह हैं। यहां शिक्षक का ध्यान किसी राजनीतिक विचार या स्वार्थ के बजाय बच्चों की शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा निखारने पर होना चाहिए। शिक्षा जितनी मजबूत होगी, समाज और राष्ट्र की नींव उतनी ही मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री बोले- हर क्षेत्र में राजनीति हो सकती है, लेकिन शिक्षा को इससे दूर रखना जरूरी
शिक्षक दिवस पर शनिवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करते हुए शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की भूमिका को रेखांकित किया।
सीएम ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला नहीं, बल्कि बच्चों को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। उसके आचरण और कार्यशैली का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ता है।
शिक्षक अपने आचरण, नवाचार और समर्पण से बदल सकते हैं विद्यालयों की तस्वीर
सीएम योगी ने कहा कि विद्यालय में संसाधन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उससे अधिक जरूरी शिक्षक की इच्छाशक्ति और कार्य के प्रति समर्पण है। सीमित संसाधनों में भी कई शिक्षक नवाचार के जरिए अपने विद्यालय की तस्वीर बदल रहे हैं। ऐसे प्रयोगों को दूसरे विद्यालयों तक पहुंचाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को उनका लाभ मिल सके।
केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, संस्कार, अनुशासन भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं है। बच्चों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी शिक्षक की जिम्मेदारी है। हर बच्चे की क्षमता अलग होती है, इसलिए शिक्षक को उसकी प्रतिभा पहचानकर उसे आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
शिक्षक खुद को करें अपडेट
मुख्यमंत्री ने बदलती तकनीक और समय की जरूरतों के अनुरूप शिक्षकों से खुद को अपडेट करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक शिक्षा का विकल्प नहीं, बल्कि उसे बेहतर बनाने का माध्यम है। इसका प्रभावी इस्तेमाल कर शिक्षण को अधिक सरल, रोचक और उपयोगी बनाया जा सकता है।
बेहतर काम करने की जिम्मेदारी
योगी ने कहा कि शिक्षक दिवस पर दिया जाने वाला सम्मान केवल उपलब्धि की स्वीकृति नहीं, बल्कि आगे और बेहतर काम करने की जिम्मेदारी भी है। सम्मानित शिक्षक अपने अनुभव और प्रयोगों को दूसरे शिक्षकों के साथ साझा करें, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई गति मिल सके।
यूपी के 81 शिक्षकों को किया सम्मानित
समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। इनमें बेसिक शिक्षा के 61 और माध्यमिक शिक्षा के 20 शिक्षक शामिल रहे। 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार तथा पांच शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रत्येक शिक्षक को प्रमाणपत्र, स्मृति चिह्न और 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।