दक्षिण ईरान के कुशेतक में एक शादी समारोह के दौरान अमेरिकी मिसाइल हमले में तीन महिलाओं और दो बच्चों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी रॉयटर्स और हथियार विशेषज्ञों के दावों के मुताबिक, समारोह पर अमेरिकी गोला-बारूद से सीधा निशाना साधा गया था।
हालांकि, अमेरिकी सेना ने नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जांच की बात कहते हुए कहा कि अमेरिका अपनी सैन्य गलतियों से सीखता है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, बीते मंगलवार को दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह में हुए विस्फोट के पीछे संभवतः अमेरिकी गोलाबारी का सीधा निशाना था। यह विस्फोट किसी अन्य लक्ष्य से टकराकर वापस आने के कारण नहीं हुआ था।
हालांकि, अमेरिकी सैनिकों ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन रॉयटर्स ने अपने हथियार विशेषज्ञों के विश्लेषण का हवाला देते हुए अमेरिका की भूमिका का आरोप लगाया है।
क्या बोले विशेषज्ञ?
रॉयटर्स ने घटना की तस्वीरों और वीडियो को चार सैन्य हथियार विशेषज्ञों को दिखाया। उनका विश्लेषण कहता है कि यह नुकसान सीधे हमले से हुआ है, न कि किसी दूसरे लक्ष्य से टकराकर आई मिसाइल या मलबे के कारण। ईरानी मीडिया ने भी यही दावा किया है।
अमेरिकी सेना ने कहा कि उसे शादी में हुए घातक विस्फोट के बारे में ईरानी रिपोर्टों की जानकारी है, लेकिन अमेरिका कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाता।
इस हमले को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका ईरान में एक शादी समारोह पर हुए उस हमले की जांच कर रहा है, जिसमें तीन महिलाओं और दो बच्चों की जान चली गई। उन्होंने कहा, “हम इस घटना की जांच कर रहे हैं क्योंकि जाहिर तौर पर हम इसे लेकर चिंतित हैं और सच जानना चाहते हैं।”
हमारी सेना गलतियों से सीखती है- जेडी वेंस
वेंस ने आगे कहा, “अगर हमसे कोई गलती होती है, तो यही हमारे और ईरान के बीच सबसे बड़ा अंतर है। हमारी सेना जब भी गलतियां करती है, तो वह उनसे सीखती है और आगे खुद में सुधार करने की कोशिश करती है।”
अमेरिका कर रहा मामले की जांच
रॉयटर्स के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका शादी में हुई मौतों की कई वजहों की जांच कर रहा है। जांचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि यह हादसा अमेरिकी हमले से हुआ, ईरानी एयर डिफेंस मिसाइल का मलबा गिरने से हुआ, या फिर किसी मिसाइल के रास्ता भटक जाने की वजह से हुआ।