नेपाल में आई आपदा के बाद कई देशों ने नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। भारत ने पहले ही मदद भेजना शुरू कर दिया है। अब श्रीलंका और ब्रिटेन ने भी मदद की घोषणा कर दी है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मैं भीषण बाढ़ से बहुत दुखी हूं, जिससे कई लोगों की जान चली गई, लोग लापता हो गए और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है।
संयुक्त राष्ट्र ने राहत कार्यों के लिए शुरुआती तौर पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि जारी की है। श्रीलंका ने गुरुवार को कहा कि वह नेपाल को 10 लाख अमेरिकी डॉलर की आर्थिक मदद देगा।
श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह मदद बाढ़ के बाद नेपाल के लोगों के साथ हमारी एकजुटता को दिखाती है। ब्रिटेन ने नेपाल को 50 लाख पाउंड की पेशकश की।
ब्रिटिश प्रधान मंत्री एंडी बर्नहैम ने क्षेत्र की स्थिति को विनाशकारी बताया और संकट में फंसे ब्रिटिश नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।
नेपाल बाढ़ पीड़ित की मदद को आगे आया भारत
नेपाल में जल आपदा से हुई भारी तबाही के बाद भारत लगातार मदद मुहैया कराने में जुटा है। पीड़ितों की मदद को लेकर बृहस्पतिवार को भारत द्वारा 37.5 टन राहत सामग्री नेपाल को भेजी गई।
हिंडन एयरबेस से बृहस्पतिवार को वायुसेना का सी 17 ग्लोब मास्टर विमान राहत सामग्री लेकर नेपाल रवाना हुआ। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
बुधवार रात भी भेजी गई थी सामग्री
उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार करीबी संपर्क में है। हम राहत कार्यों में अपना पूरा सहयोग जारी रखेंगे। हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से मिली जानकारी अनुसार बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे विमान नेपाल को रवाना हुआ।
वहीं बुधवार रात भी 10 टन राहत सामग्री लेकर सी 17 ग्लोब मास्टर भी नेपाल गया था। इसमें आपदा राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट भेजे गए हैं। नेपाल में बुधवार को अचानक आई जल आपदा से भारी तबाही हुई है।