क्राइम ब्रांच के एक दारोगा सुधीर कुमार ने मंडी समिति के उपनिदेशक से 1.26 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले व एक अन्य मुकदमे की विवेचना में खेल किया। शिकायत मिलने पर गोपनीय जांच हुई तो दारोगा की करतूतें सामने आईं और उसे निलंबित कर दिया गया।
दारोगा ने मुकदमे के आरोपितों का सत्यापन किए बिना विवेचना की और लापरवाही करते हुए मुकदमों में अंतिम रिपोर्ट लगाने के साथ ही फ्रीज खाते को दोबारा चालू कराने के लिए बैंक को ई-मेल भी कर दिया था। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
नौबस्ता नवीन मंडी के उप निदेशक निर्माण अतर सिंह ने तीन दिसंबर 2020 को गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी राजीव कपूर, उनके परिवार के सदस्य और एक्सिस बैंक के तत्कालीन प्रबंधक समेत पांच आरोपितों पर नौबस्ता थाने में धोखाधड़ी समेत धाराओं में मुकदमा कराया था।
आरोप है कि मैसर्स ग्लेयर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड फर्म को मंडी समिति कन्नौज के विशिष्ट आलू मंडी ठठिया का निर्माण कार्य निविदा के माध्यम से 1,25,25000 रुपये की एफडीआर न्यू दिल्ली मयूर विहार की एक्सिस बैंक में मंडी परिषद के उपनिदेशक निर्माण के नाम पर बंधक थी।
फर्म ने समय से कार्य पूरा नहीं किया तो अनुबंध निरस्त कर एफडीआर राशि कार्यालय के बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए बैंक को ई-मेल किया। इस पर बैंक से जानकारी मिली कि ये राशि पहले ही फर्म के खाते में ट्रांसफर की जा चुकी है।
इस मामले की जांच नौबस्ता थाने के तत्कालीन दारोगा सुधीर कुमार कर रहे थे। आरोपित व उसके पिता का सत्यापन व अन्य जांच में लापरवाही करते हुए जुलाई 2025 में अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। यहां तक फ्रीज हुए खाते को दोबारा चालू कराने के लिए बैंक को ई-मेल तक किया।
इसके अलावा एक अन्य मामले में भी विवेचना में लापरवाही भी सामने आई। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि दारोगा को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है। अंतिम रिपोर्ट पर पुर्नविवेचना के आदेश दिए गए हैं।