नेपाल के लिए भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, PM मोदी से बातचीत के बाद बोले बालेन शाह- ‘एकजुट रहने का समय’…

 नेपाल में तिब्बत की ओर से भयंकर बाढ़ आने पर भारत ने सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया है। 

रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से सैकड़ों पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय और प्रवासी भारतीय शामिल हैं। ये ज्यादातर कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकले थे।

हालात की गंभीरता को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से बात की और हर संभव मानवीय व राहत सहायता का आश्वासन दिया।

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने दो आपातकालीन नंबरों ( 977 985 131 6807 और 977 970 910 7500)की घोषणा की है ताकि प्रभावित भारतीयों के परिजनों तक जानकारी पहुंचाई जा सके।

384 पर्यटक लापता- नेपाल पर्यटन बोर्ड

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार कुल 384 पर्यटक लापता हैं। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। बोर्ड ने बताया कि 105 भारतीय लापता हैं। इसके अलावा 37 प्रवासी भारतीय भी लापता लोगों में शामिल है। जबकि 111 पर्यटकों की राष्ट्रीयता अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। इनमें से भी अधिकांश के भारतीय होने की संभावना है।

इन सभी लापता पर्यटकों ने नेपाल की विभिन्न पर्यटन एजेंसियों के माध्यम से कैलाश-मानसरोवर यात्रा की बुकिंग कराई थी। पर्यटक एजेंसियों से जिन लापता लोगों की जानकारी मिली है, उनकी जानकारी नेपाल पर्यटन बोर्ड ने जारी की है। लेकिन यह संख्या काफी बढ़ सकती है।

कैलाश-मानसरोवर की यात्रा का प्रबंध करने वाले कई छोटे स्तरों की एजेंसियों भी होती हैं। उन लोगों की तरफ से अभी जानकारी नहीं आई है।

पीएम मोदी ने बालेन शाह से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात की और बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच तत्काल बैठक हुई।

भारतीय वायुसेना के विमान अलर्ट मोड पर

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र स्थित दो वायुसेना अड्डों (पालम व हिंडन) पर भारतीय वायुसेना के विमानों को राहत सामग्री भेजने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। भारत हर स्तर पर सक्रियता दिखाते हुए मदद भेजने की तैयारी कर रहा है।

नेपाल के रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी, तिमुरे और रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में बाढ़ आई हुई है। इस क्षेत्र से ही कैलाश-मानसरोवर यात्रा का मुख्य सड़क मार्ग गुजरता है। यात्री काठमांडू से तिमुरे होते हुए नेपाल-चीन सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी पहुंचते हैं और फिर तिब्बत के केरुंग इलाके से होते हुए दारचेन तथा कैलाश जाते हैं।

यह नेपाल से कैलाश जाने का सबसे लोकप्रिय और सबसे छोटा सड़क मार्ग माना जाता है। बाढ़ ने ठीक इसी भोटेकोशी घाटी को प्रभावित किया है, जिससे सड़कें, पुल और सीमा चौकी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस आपदा से यात्रा मार्ग प्रभावित होने के कारण कई तीर्थयात्रियों के फंसे होने की भी संभावना है।

बालेन शाह का राष्ट्र के नाम संबोधन

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा स्थित भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से उत्पन्न भयावह स्थिति को लेकर राष्ट्र के नाम संबोधन दिया।

उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा में 1 लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि घायलों की जान बचाना, लापता लोगों की तलाश और प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

सेना के हेलिकॉप्टरों से रेस्क्यू

बाढ़ की भयावहता को देखते हुए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमों को युद्धस्तर पर राहत कार्य में तैनात किया गया है।

पीएम बालेन शाह ने उन्होंने संकट की इस घड़ी में नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार खुद को अकेला न समझें। सरकार विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और घायलों के संपूर्ण उपचार की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी। यह एकजुट रहने का समय है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *