NIA ने केरलम के मलप्पुरम जिले में गैर-कानूनी एक्सप्लोसिव की एक बड़ी खेप जब्त करने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. अब तक इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपी की पहचान हारिस TA के तौर पर हुई है। हारिस को शनिवार को मलप्पुरम के मंजेरी से गिरफ्तार किया गया है।
भारी मात्रा में मिला था विस्फोटक
यह पूरा मामला 7 फरवरी, 2026 को चेम्मड़-थलप्पारा रोड पर स्थित फरहा हॉलो ब्रिक्स कंपनी के परिसर में खड़ी एक लॉरी से 89,600 एक्सप्लोसिव स्टिक (जिलेटिन स्टिक) और 10,500 शॉक ट्यूब (NONEL) की जब्ती से जुड़ा हुआ है।
शुरुआत में केरलम पुलिस ने लॉरी को रोककर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, क्योंकि उनके पास इतने बड़े पैमाने पर विस्फोटक रखने या ले जाने की कोई वैध अनुमति या लाइसेंस नहीं था।
डिजिटल डिवाइस, जिलेटिन स्टीक किए बरामद
इसके बाद NIA ने इस मामले को नए सिरे से दर्ज करते हुए अप्रैल 2026 में जांच की जिम्मेदारी पूरी तरह अपने हाथों में ले ली। जांच को आगे बढ़ाते हुए एजेंसी ने केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुल 19 ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। छापेमारी में कई डिजिटल डिवाइस, महत्वपूर्ण दस्तावेज और जिलेटिन स्टिक बरामद किए गए।
NIA के अनुसार, इस गहन जांच से न केवल नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन का भंडाफोड़ हुआ, बल्कि इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी साफ हो गई।
हाल ही में 7 अगस्त को कर्नाटक के विजयपुरा से तीन आरोपियों को पकड़ा गया था, जिसके ठीक एक दिन बाद हारिस की गिरफ्तारी हुई। फिलहाल एजेंसी इन विस्फोटकों की खरीद, ट्रांसपोर्टेशन और इसके पीछे के असली आपराधिक इरादों का पता लगाने में जुटी है।