कब है स्कंद षष्ठी? जानें कार्तिकेय भगवान जी की पूजा विधि व मंत्र…

प्रवीण नांगिया (ज्योतिष सलाहकार):

आश्विन षष्ठी तिथि का दिन भगवान कार्तिकेय को समर्पित है।

हर महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जाता है।

स्कंद षष्ठी को कुछ लोग कुमार षष्ठी के नाम से भी जानते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्कंद षष्ठी के दिन व्रत रखने से जीवन की दुख-दुविधा दूर हो सकती है।

भगवान स्कंद को सुब्रमण्यम, कार्तिकेयन, व मुरुगन आदि नामों से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं अक्टूबर की स्कंद षष्ठी व्रत का दिन, शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि, व महत्व-

कब है स्कंद षष्ठी?

दृक पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 08 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 17 मिनट से आरंभ हो जाएगी, जो कि 09 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 14 मिनट तक रहेगी।

दृक पंचांग के अनुसार, 8 अक्टूबर को स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन आयुष्मान् योग सुबह 06:51 तक रहेगा, जिसके बाद सौभाग्य योग का निर्माण होगा। वहीं, रवि योग- सुबह 06:18 से अगले दिन सुबह 04:08, अक्टूबर 09 तक रहेगा।

स्कंद षष्ठी पूजा की विधि-

1- स्नान आदि कर मंदिर की साफ सफाई करें।

2- भगवान श्री कार्तिकेय का जलाभिषेक करें।

3- प्रभु का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें।

4- अब प्रभु को पूजन सामग्री माला, पुष्प, अक्षत, कलावा, सिंदूर और चंदन आदि अर्पित करें।

5- मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें।

6- पूरी श्रद्धा के साथ भगवान कार्तिकेय की आरती करें।

7- प्रभु को श्रद्धा अनुसार भोग लगाएं।

8- अंत में क्षमा प्रार्थना भी करें।

इस मंत्र का करें जाप- देव सेनापते स्कंद कार्तिकेय भवोद्भव।

कुमार गुह गांगेय शक्तिहस्त नमोस्तु ते॥

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× Whatsaap