भारती इंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित है और भारत इससे अछूता नहीं है।
औद्योगिक संगठन सीआइआइ के कार्यक्रम में मित्तल ने कहा कि पेट्रोलियम आयात की निर्भरता को कम करने के लिए घरेलू उद्यमियों को इलेक्टि्रक व रिन्युएबल जैसे सेक्टर में निवेश बढ़ाना चाहिए।
भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात करता है। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल व गैस का आयात प्रभावित हो रहा है।
इनके दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं जिससे औद्योगिक उत्पादन व अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
मित्तल ने कहा कि यह कठिन समय है। हम पिछले कुछ सालों से 6-7 प्रतिशत की दर से विकास कर रहे हैं। लेकिन फिलहाल ऐसी स्थिति पैदा हो गई है जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस समय भारतीय उद्यमियों को इस चुनौती से निपटने के लिए निवेश को बढ़ाना चाहिए। आयात पर निर्भरता को कम करने के साथ रिनयुएबल के उत्पादन पर अधिक ध्यान देना चाहिए। हमारा विशाल देश युवाओं का है जहां लंबे समय तक भारी मांग रहने वाली है।
हमें उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए मेक इन इंडिया को प्रोत्साहित करना चाहिए। उद्यमियों को घरेलू स्तर पर अपनी जड़ें मजबूत करने की आवश्यकता है। आइटी कर्मचारी ने वर्क फ्राम होम के लिए नोटिस जारी करने के लिए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के इस समय में पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने और वर्क फ्राम होम को अपनाने की प्रधानमंत्री की अपील पर आईटी कंपनियों के कर्मचारियों ने सरकार से इस संबंध में नोटिस जारी करने के लिए कहा है।
फोरम फार आईटी इंप्लाइ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि रोजाना आईटी सेक्टर के हजारों कर्मचारी काम के लिए निकलते हैं। वर्क फ्राम होम को लेकर सरकार की तरफ से लिखित परामर्श जारी करने से पेट्रोल डीजल की बचत के साथ पर्यावरण का भी बचाव होगा।
कोरोना काल में आइटी कंपनियां वर्क फ्राम होम माध्यम में काम कर रही थी, लेकिन अब अधिकतर कंपनियां अपने कर्मचारी को आफिस बुलाने लगी है। प्रधानमंत्री की अपील पर कई आइटी कंपनियां कुछ दिनों के लिए फिर से वर्क फ्राम होम माध्यम को अपनाने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं।