रोहतांग स्थित अटल टनल में 10,075 फीट की ऊंचाई पर विश्व रिकार्ड बनाने के बाद भारतीय सेना की कोर आफ सिग्नल्स का राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल अभियान ‘व्हील्स आफ वैलर : संचार शक्ति’ अब अपने सबसे कठिन चरण में पहुंच गया है।
अभियान के राइडर्स 16,580 फीट ऊंचे शिंकुन ला पहुंच चुके हैं। शिंकुन ला दर्रे की चुनौती पार करते हुए वह द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचेंगे, जहां कारगिल विजय दिवस के अवसर पर अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। बीस सदस्यों की टीम में दस पुरुष बाइक राइडर के साथ-साथ महिला अधिकारी भी शामिल हैं।
मेरठ छावनी स्थित टू आर्मी हेडक्वार्टर सिग्नल रेजिमेंट से निकली बाइक रैली ने अटल टनल में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करने के बाद पलचन से आगे बढ़ी। लगभग 115 किलोमीटर की दुर्गम पर्वतीय यात्रा के दौरान राइडर्स ने संकरे पहाड़ी मार्गों, तीखी चढ़ाइयों, हेयरपिन मोड़ों, ऊबड़-खाबड़ सड़कों और लगातार बदलते मौसम के बीच अपनी यात्रा जारी रखी।
10 सैनिकों व अफसरों की टीम की अगुवाई कर रहे कर्नल सुमित भारद्वाज के अनुसार यह सफर भारतीय सैनिकों के साहस, अनुशासन, धैर्य और अटूट संकल्प का जीवंत उदाहरण है।
अटल टनल पार करने के बाद रोहतांग में कोर आफ सिग्नल्स की बाइक रैली में शामिल अफसर व जवान। सौ. सेना
उन्होंने कहा कि 10,075 फीट से 16,580 फीट तक का यह सफर केवल ऊंचाई हासिल करने का नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में मानवीय सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता, परिचालन क्षमता और टीमवर्क की वास्तविक परीक्षा भी है। अधिक ऊंचाई पर आक्सीजन का स्तर कम होने और मौसम के लगातार प्रतिकूल होते जाने के बावजूद अभियान निर्धारित गति और अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है।
कर्नल भारद्वाज का कहना है कि ‘व्हील्स आफ वैलर : संचार शक्ति’ केवल एक मोटरसाइकिल अभियान नहीं, बल्कि कोर आफ सिग्नल्स की उस भावना का प्रतीक है, जो युवाओं को साहस, अनुशासन, नवाचार और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती है।
अभियान के अगले चरण में राइडर्स शिंकुन ला से द्रास पहुंचकर कारगिल युद्ध स्मारक पर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। अभियान का उद्देश्य कारगिल के अमर वीरों के शौर्य और बलिदान को देशभर तक पहुंचाना है।