इंजीनियर बनने का सपना टूटा: हरियाणा के यमुनानगर में पढ़ाई छूटने से आहत 12वीं की छात्रा ने की आत्महत्या…

कांजनू गांव में 12वीं की छात्रा (20) ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि पिता करीब एक साल से परिवार का खर्च नहीं दे रहा था, जिससे छात्रा की पढ़ाई रुक गई और इंजीनियर बनने का सपना टूटते देख वह मानसिक तनाव में रहने लगी।

मृतका की मां ने पुलिस को दी शिकायत में यही आत्महत्या की वजह बताई। पुलिस ने मृतका के पिता संजीव पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में रजनी बाला ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2004 में कांजनू गांव के संजीव से हुई थी। वर्ष 2015 से संजीव के साथ विवाद चल रहा है।

रजनी का आरोप है कि संजीव शराब पीकर मारपीट करता था, जिसके चलते उसने कोर्ट में खर्च का मामला दायर किया था। बड़ी बेटी भूमिका की नवोदय स्कूल प्रतापनगर से 12वीं की पढ़ाई चल रही थी।

वह इंजीनियर बनने के लिए एनआइटी से पढ़ाई करना चाहती थी। करीब एक वर्ष से संजीव द्वारा खर्च नहीं मिलने से भूमिका की पढ़ाई रुक गई। दो जुलाई को खर्च संबंधी मामले में कोर्ट में तारीख थी। रजनी ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह कोर्ट चली गई। दोपहर दो बजे देखा भूमिका कमरे के मुख्य दरवाजे की चौखट पर फंदे से लटकी हुई थी।

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