अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा, जानिए कितना सफल रहा एयर डिफेंस…

 ईरान ने बुधवार को फारस की खाड़ी में अमेरिका के अटैक का जवाब देते हुए कुवैत में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमले किए। इस बात का दावा सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने किया है।

उसने कहा, “फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और केश्म द्वीप में अमेरिका की दुश्मनी भरी हरकतों के बाद कुवैत में अमेरिकी बेस पर हमले किए गए।” हालांकि, अमेरिका ने ईरान के उन दावों को नकार दिया कि उसने खाड़ी में अमेरिकी मिलिट्री ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया था।

अमेरिका ने केश्म द्वीप पर किया हमला

ईरान की इस हरकत को आक्रामकता बताते हुए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी सेना ने केश्म द्वीप पर हमले किए और इस कार्रवाई को आत्मरक्षा का कदम बताया।

इस बीच कुवैत ने कहा कि उसके हवाई सुरक्षा सिस्टम ने आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोक दिया, जबकि खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

कुवैत ने क्या कहा?

कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने कहा कि निवासियों द्वारा सुनी गई आवाजें हवाई सुरक्षा इकाइयों द्वारा दुश्मनाना हवाई लक्ष्यों से निपटने के दौरान किए गए ऑपरेशनों से जुड़ी थीं। उसने कहा, “कुवैती हवाई सुरक्षा सिस्टम इस समय दुश्मनाना मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं। सेना का जनरल स्टाफ यह स्पष्ट करता है कि यदि धमाकों की आवाजें सुनी जाती हैं तो वे हवाई सुरक्षा सिस्टम द्वारा दुश्मनाना हमलों को रोकने का परिणाम हैं।”

सेना ने बाद में जनता को चेतावनी दी कि वे किसी भी मलबे, छर्रों या अज्ञात चीजों के पास न जाएं जो इन हमलों को रोकने के बाद गिरे हो सकते हैं। सेना ने कहा कि ऐसी चीजें खतरनाक हो सकती हैं।

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