हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने अवमानना से जुड़े मामले में शिक्षा सचिव कार्यालय में कार्यरत जूनियर स्केल स्टैनोग्राफर व निदेशक शिक्षा विभाग में कार्यरत निजी सचिव को तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि उन्होंने किस आधार पर शिक्षा सचिव व निदेशक शिक्षा को जारी किए कारण बताओ नोटिस को प्राप्त कर लिया, जबकि दोनों प्रतिवादियों को व्यक्तिगत तौर पर नोटिस जारी किए थे।
न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने सचिव शिक्षा व निदेशक शिक्षा को पुनः नोटिस जारी कर यह पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ कोर्ट के आदेशों का पालन न करने पर कार्रवाई की जाए।
अनिल कुमार व अन्य पांच टीजीटी ने मुख्य अध्यापक के पद पर पदोन्नति दिए जाने बारे हाई कोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल की थी।
सरकार को छह सप्ताह में लेना था निर्णय
कोर्ट ने सतीश कुमार के मामले में पारित निर्णय के आधार पर प्रार्थियों के मामले में निर्णय पारित करने के आदेश जारी किए थे। 12 दिसंबर 2025 को पारित इस निर्णय के मुताबिक राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के आदेश दिए थे।
आदेश का पालन न होने पर दाखिल की अवमानना याचिका
कोर्ट के आदेश का पालन न होने की स्थिति में प्रार्थियों को मजबूरन शिक्षा सचिव व निदेशक शिक्षा के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी। कोर्ट ने दोनों कर्मचारियों को स्पष्टीकरण कोर्ट के समक्ष रखने के आदेश जारी किए हैं। मामले पर सुनवाई 16 जून को होगी।