सुकमा : गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, “जियो टैगिंग तिहार” से आवास निर्माण को मिली नई रफ्तार…

एक माह में 1,626 आवासों की जियो टैगिंग, 14.58 करोड़ की सहायता से तेज हुई आवास पूर्णता

जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया अभिनव अभियान “जियो टैगिंग तिहार” आवास निर्माण को नई गति देने के साथ ग्रामीण विकास का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

प्रशासन की सक्रिय पहल के तहत प्रत्येक सप्ताह तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाकर अधिकारी एवं मैदानी अमला गांव-गांव पहुंच रहा है, जिससे अपूर्ण और अप्रारंभ आवासों को तेजी से पूर्ण कराने का कार्य किया जा रहा है। इस जनभागीदारी आधारित अभियान ने ग्रामीणों में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार किया है।

     अभियान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले एक माह में 1,626 आवासों की जियो टैगिंग की गई है। इनमें 994 आवासों को प्रारंभ कर प्लिंथ स्तर तक पहुंचाया गया, वहीं 632 आवासों का निर्माण पूर्ण कराकर उनकी जियो टैगिंग सुनिश्चित की गई। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अमले के समन्वित प्रयासों का परिणाम है, जिसने आवास निर्माण की प्रक्रिया को धरातल पर गति प्रदान की है।

     जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर ने बताया कि आवास निर्माण को आर्थिक मजबूती देने के लिए जिला प्रशासन ने भुगतान प्रक्रिया को भी तेज किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3,283 हितग्राहियों को 14.58 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एफटीओ के माध्यम से हस्तांतरित की जा चुकी है। समयबद्ध भुगतान से हितग्राहियों को निर्माण कार्य में आवश्यक आर्थिक सहायता मिल रही है, जिसके परिणामस्वरूप जिले में आवास निर्माण कार्य उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ रहा है।

     कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का सशक्त माध्यम है। “जियो टैगिंग तिहार” के माध्यम से आवास निर्माण की सतत निगरानी, तकनीकी मार्गदर्शन और भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है।

जिला प्रशासन का यह नवाचार अब सुकमा में आवास पूर्णता का जनआंदोलन बन चुका है, जो प्रत्येक पात्र परिवार को समय पर पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रहा है।

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