मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के ईको सेंसिटिव जोन में कथित अवैध निर्माण के मामले में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े कर किए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी बी.श्रीनिवास कुमार और उनकी पत्नी हिमानी ने बिना अनुमति के आलीशान होमस्टे बना लिया। समिति ने बताया कि करीब 4.9 एकड़ भूमि वर्ष 2018 से 2022 के बीच खरीदी गई, जबकि इस पूरी प्रक्रिया में वन विभाग की सहमति या जानकारी नहीं ली गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जिस भूमि पर होमस्टे बनाया गया है वह राजस्व अभिलेखों में बी. श्रीनिवास कुमार और उनकी पत्नी हिमानी के नाम दर्ज है। हिमानी सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल पब्लिक इनफार्मेशन ऑफिसर हैं।
वन्य जीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने बताया कि वन विभाग ने इस होमस्टे को अवैध घोषित कर दिया है। शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने निरीक्षण किया और नापजोख कर ली है।
जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि राजगढ़ गांव के खसरा नंबर 1841 का हिस्सा है, जिसका बड़ा हिस्सा वन भूमि के रूप में दर्ज है।
स्थल निरीक्षण के दौरान छह काटेज, स्वीमिंग पूल, किचन-डाइनिंग हाल, जिम, जल शोधन संयंत्र, पार्किंग शेड, कर्मचारियों के लिए दो मंजिला भवन, दो सफारी वाहन, ट्रैक्टर और नाव जैसी सुविधाएं मिलीं।
इसके अलावा निर्धारित मानकों से एक बड़ी आरा मशीन भी बरामद हुई, जिसे वन विभाग ने जब्त कर लिया है।
भारतीय वन अधिनियम के प्रविधानों की अनदेखीनिर्माण के लिए ग्राम सभा की अनुमति तो ली गई, लेकिन वन विभाग से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई।
समिति ने यह भी संकेत दिया कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम के प्रविधानों की अनदेखी हुई है। इस मामले की शिकायत वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने की थी।
फिर भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 34(ए) के तहत आवश्यक रूप से इन संरचनाओं को तोड़ा नहीं गया। यह पन्ना टाइगर रिज़र्व प्रबंधन की आपराधिक लापरवाही को उजागर करता है।