बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग इलाके में उस समय भारी तनाव फैल गया, जब जबरन वसूली और चुनावी हिंसा के आरोपित तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता इंद्रजीत सरदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही फरार चल रहे इटखोला ग्राम पंचायत के उप-प्रधान इंद्रजीत को गुरुवार शाम कोलकाता से अवैध हथियार और कारतूस के साथ दबोचा गया था।
शुक्रवार को जब पुलिस उन्हें कैनिंग थाने से अदालत ले जाने के लिए निकली, तो बाहर मुस्तैद भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता के गुस्से का ज्वालामुखी फूट पड़ा।
थाने के बाहर जमा भीड़ ने तृणमूल नेता को घेरकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। खुद को बचाने के लिए जब इंद्रजीत पुलिस वैन की तरफ भागे, तो प्रदर्शनकारियों ने उनके सिर और शरीर पर कच्चे अंडों की बौछार कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इंद्रजीत इलाके में अपनी दबंगई के लिए कुख्यात थे और वे अवैध वसूली, कट-मनी, मारपीट तथा हथियारों की तस्करी में सीधे तौर पर संलिप्त थे।
उन पर 2021 के चुनाव के बाद हुई हिंसा के भी कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उन्हें रिमांड पर लेकर उनके आपराधिक नेटवर्क और अवैध हथियारों के स्रोत की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री के विरुद्ध लगातार अश्लील टिप्पणी करने के आरोप में अहमदाबाद से एक गिरफ्तार
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के विरुद्ध इंटरनेट मीडिया पर लगातार अश्लील टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस ने अहमदाबाद से 40 वर्षीय शेख अब्दुल को गिरफ्तार किया है। वह बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले का रहने वाला है और अहमदाबाद में काम करता है।
तमुलक थाने की पुलिस ने इसे लेकर गत 19 जून को स्वत: स्फूर्त मामला दर्ज किया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपित ने शेख साहिल के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट खोल रखा था।
उसके माध्यम से मुख्यमंत्री के विरुद्ध लगातार अशालीन टिप्पणी कर रहा था। मोबाइल टावर लोकेशन से उसका पता लगाया गया। इसके बाद थाने की एक टीम अहमदाबाद गई और उसे गिरफ्तार कर लिया।