कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर (Congress Leader Shashi Tharoor) का बड़ा बयान सामने आया है।
शशि थरूर ने कहा है कि अंबेडकर राजनीति में विरासत को स्वीकार नहीं करते।
वे नई दिल्ली में अंबेडकर पर अपनी किताब के विमोचन के मौके पर सवालों का जवाब दे रहे थे।
थरूर ने कहा कि अंबेडकर ने इस बारे में नहीं लिखा है लेकिन वह राजनीति में विरासत को अस्वीकार करते। राजनीति में अंबेडकर, विरासत के सिद्धांत को स्वीकार नहीं करते।
शशि थरूर से सवाल किसी पार्टी के संदर्भ में नहीं पूछा गया था।
तीन मूर्ति भवन में आयोजित कार्यक्रम में शशि थरूर ने कहा कि ‘अंबेडकर: अ लाइफ’ शार्ट बायोग्राफी है।
शशि थरूर 23 किताबें लिख चुके हैं। तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य 66 वर्षीय थरूर कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के तौर पर देश के राज्यों का दौरा कर रहे हैं।
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को मतदान होना है और 19 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में उम्मीदवार हैं।
कुछ कमियां हैं क्योंकि 22 साल से चुनाव नहीं हुए
दोनों उम्मीदवारों के लिए समान अवसर नहीं होने संबंधी अपने पहले की एक टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘मैं मिस्त्री साहब के खिलाफ कुछ नहीं बोलना चाहता था।
सिस्टम में कुछ कमियां हैं क्योंकि 22 साल से चुनाव नहीं हुए हैं।’ उन्होंने बृहस्पतिवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) के साथ बैठक की और अपने लिए वोट मांगा।
इसमें पूर्व सांसद संदीप दीक्षित, दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अमृता धवन और कुछ अन्य डेलीगेट शामिल हुए।
कुछ नेताओं ने ऐसे काम किए हैं, जिस पर मैंने कहा कि समान अवसर नहीं है
थरूर ने कहा, ‘कुछ नेताओं ने ऐसे काम किए हैं, जिस पर मैंने कहा कि समान अवसर नहीं है। कई पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) में हमने देखा कि पीसीसी अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और कई बड़े नेता खड़गे साहब का स्वागत करते हैं, उनके साथ बैठते हैं, पीसीसी से (डेलीगेट को) निर्देश जाते हैं कि आ जाओ, खड़गे साहब आ रहे हैं। यह सिर्फ एक ही उम्मीदवार के लिए हुआ। मेरे साथ कभी नहीं हुआ। इस किस्म की कई चीजें कई पीसीसी में हुईं। समस्या यह है कि हमारी पार्टी में कई साल से चुनाव नहीं हुए हैं। इसलिए कुछ गलतियां हुई हैं।’