छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद पहली बड़ी कार्रवाई हुई है।
प्रवर्तन निदेशालय ने चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और IAS अधिकारी समीर विश्नोई को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया।
जहां 8 दिन की रिमांड मंजूर हो गई है। दोनों कारोबारियों को भी 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। हालांकि ईडी की टीम ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी।
कोर्ट ने अपने फैसले में सुनाया है कि, पूछताछ रायपुर में वकीलों की मौजूदगी में होगी। लेकिन संपर्क नहीं कर सकते. प्रत्येक दो दिनों में एक घंटे वकील से मुलाकात कराई जाएगी।
प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में बताया है कि, समीर विश्नोई के घर में 4 किलो सोना और 20 कैरेट हीरा मिला है। इसके साथ 47 लाख रुपए कैश मिला।
इस रिमांड का विरोध करने कुछ नामी वकील भी आरोपियों की तरफ से कोर्ट में बहस किए।
उधर विश्नोई की पत्नी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर ईडी के जबरदस्ती परेशान करने की शिकायत की है।
प्रवर्तन निदेशालयके पास जब्त सोना की कीमत 2 करोड़ 20 लाख रुपए बताई जा रही है। इधर बचाव पक्ष ने ईडी की कार्रवाई को गलत बताया है।
गिरफ्तारी को भी अवैध बताया है, उनका कहना है कि आय से अधिक संपत्ति का मामला तो आईटी का है।
इसमें ईडी का क्या काम? IAS समीर विश्नोई को कोर्ट में पेश करने से पहले मेकाहारा में उनका मेडिकल चेकअप भी कराया गया। उनके अलावा कारोबारी सुनील अग्रवाल, लक्ष्मीकांत तिवारी की गिरफ्तारी हुई है।
बताया जा रहा है कि, नवनीत तिवारी को भी हिरासत में लिया गया है। इन सभी पर कोयला कारोबारियों से अवैध लेनदेन और आय से अधिक संपत्ति जैसे आरोप हैं।
छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद पहली बड़ी कार्रवाई हुई है,प्रवर्तन निदेशालय ने चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और IAS अधिकारी समीर विश्नोई को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया।
जहां 8 दिन की रिमांड मंजूर हो गई है। दोनों कारोबारियों को भी 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। हालांकि ईडी की टीम ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी।
कोर्ट ने अपने फैसले में सुनाया है कि, पूछताछ रायपुर में वकीलों की मौजूदगी में होगी। लेकिन संपर्क नहीं कर सकते. प्रत्येक दो दिनों में एक घंटे वकील से मुलाकात कराई जाएगी।
प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में बताया है कि, समीर विश्नोई के घर में 4 किलो सोना और 20 कैरेट हीरा मिला है, इसके साथ 47 लाख रुपए कैश मिला।
इस रिमांड का विरोध करने कुछ नामी वकील भी आरोपियों की तरफ से कोर्ट में बहस किए। उधर विश्नोई की पत्नी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर ईडी के जबरदस्ती परेशान करने की शिकायत की है।
प्रवर्तन निदेशालय के पास जब्त सोना की कीमत 2 करोड़ 20 लाख रुपए बताई जा रही है। इधर बचाव पक्ष ने ईडी की कार्रवाई को गलत बताया है।
गिरफ्तारी को भी अवैध बताया है। उनका कहना है कि आय से अधिक संपत्ति का मामला तो आईटी का है।
इसमें ईडी का क्या काम? IAS समीर विश्नोई को कोर्ट में पेश करने से पहले मेकाहारा में उनका मेडिकल चेकअप भी कराया गया।
उनके अलावा कारोबारी सुनील अग्रवाल, लक्ष्मीकांत तिवारी की गिरफ्तारी हुई है। बताया जा रहा है कि, नवनीत तिवारी को भी हिरासत में लिया गया है। इन सभी पर कोयला कारोबारियों से अवैध लेनदेन और आय से अधिक संपत्ति जैसे आरोप हैं।
ED की एक बड़ी टीम ने सीआरपीएफ के सुरक्षा घेरे के साथ मंगलवार तड़के छत्तीसगढ़ के कई जिलों में फैले 40 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
इनमें रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू का सरकारी आवास भी शामिल था। उसके अलावा खनिज विभाग के संचालक IAS जेपी मौर्या, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी समीर विश्नोई, पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर सहित कोयला और परिवहन कारोबार से जुड़े तमाम व्यापारियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां छापा पड़ा। रायगढ़ में रानू साहू नहीं मिली तो एजेंसी ने उनके सरकारी आवास को सील कर दिया था।
बताया जा रहा है, एजेंसी ने बुधवार तक छापे की कार्रवाई पूरी कर लिया था। दोपहर बाद आईएएस समीर विश्नोई, उनकी पत्नी और दूसरे कारोबारियों को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
बाद में विश्नोई की पत्नी को छोड़कर बाकी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की तैयारी है।
बताया जा रहा है, प्रवर्तन निदेशालय रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू से भी पूछताछ करेगी। उनकी मौजूदगी में उनके सरकारी आवास का सील खोलकर तलाशी भी ली जाएगी। हालांकि अभी तक प्रवर्तन निदेशालय ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।
रानू साहू ने चिट्ठी लिखकर कहा- जांच में सहयाेग करुंगी
रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू हैदराबाद से लौट आई हैं। उन्होंने अपने सरकारी लेटर हेड पर प्रवर्तन निदेशालय के जांच अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि, वे जांच में सहयोग करेंगी। रानू साहू का कहना है, 10 अक्टूबर से वे अवकाश पर थीं।
उनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहां उनका एक माइनर ऑपरेशन भी हुआ।
अब वे रायगढ़ में आ गई हैं। वे पूर्ण पारदर्शिता से प्रशासनिक कार्य करती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच में उनकी ओर से पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
तीन दिन पहले यानि मंगलवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और महासमुंद जिले में ईडी का छापा पड़ा था।
इन प्रमुख शहरों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी देर रात पहुंच चुके थे और सुबह 5:00 बजे अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा गया था।
एक ही वक्त पर ईडी के अधिकारी 10 से ज्यादा जगहों पर अलग-अलग टीम बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं। जिन जगहों पर छापा मारा गया है उनमें कारोबारी और CA शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस छापे को डराने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा, यह आखिरी नहीं है। चुनाव तक ये बार-बार आएंगे।