मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों के लिए स्वेटर, जूते, मोजे और किताबों के लिए 1200 रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले यह राशि 800 रुपये थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर ₹1200 प्रति छात्र किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा दायित्व है कि विद्यालय का वातावरण अच्छा हो। उन्होंने 12 आदर्श शिक्षकों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपने विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार दिलाया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और विद्यालय के अनुशासन को बनाए रखने के लिए छात्रों को अपनी निर्धारित यूनिफॉर्म में रहना चाहिए। सर्दी के मौसम में छात्रों को स्वेटर पहनकर आना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को पहले से ही इन बातों के लिए समझाना आवश्यक है। एक शिक्षक का कर्तव्य है कि वह बच्चों को सही मार्ग दिखाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को तीन दिन एक यूनिफॉर्म पहनने और फिर दूसरी पहनने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
आज ₹1300 करोड़ की राशि केवल अनाथ बच्चों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह शिक्षा के प्रति जागरूक रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्र और अनुदेशकों का निर्माण करना आवश्यक है ताकि हर बच्चा स्कूल तक पहुंच सके।
उन्होंने निपुण भारत अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा योग्य बने। उन्होंने कहा कि यदि हमारी नींव मजबूत होगी, तो हम एक भव्य इमारत का निर्माण कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अस्थाई शिक्षकों और कर्मियों को ₹10,000 से अधिक वेतन पाने वालों के लिए 10 लाख का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। इसमें एक करोड़ का व्यक्तिगत दुर्घटना कवर और स्थायी दिव्यांगता कवर भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10,000 से कम मासिक वेतन पाने वाले कर्मियों को भी दो लाख का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सभी प्रकार के कर्मियों के लिए है, जिसमें रसोइये और शिक्षा मित्र भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का आधारशिला है समाज की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देशवासियों से कहा है कि हमें विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोग नौकरी के लिए भटकते थे, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि अब परीक्षा प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और नकल मुक्त परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब सभी परीक्षाएं 14 दिन के भीतर संपन्न होंगी और परिणाम भी जल्दी घोषित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने कई सफलताएं हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि अब छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने विद्यालयों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करनी चाहिए और उन्हें बेहतर बनाने के लिए योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही हम अपने देश के भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों और अधिकारियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी और कहा कि हमें बच्चों को पढ़ाने में मेहनत करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार आपसे केवल एक अपेक्षा रखती है कि आप बच्चों को पढ़ाने में पूरी मेहनत करें। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हमें मिलकर देश के भविष्य को संवारना है।