राजनीति में महिलाओं के खिलाफ पप्पू यादव की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर विवाद और गहरा गया है।
बिहार राज्य महिला आयोग ने मामले का स्वत संज्ञान लेते हुए सांसद को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
आयोग की अध्यक्ष अप्सरा नोटिस का जवाब देने के बजाय, सांसद ने सोशल मीडिया के माध्यम से आयोग की शक्तियों को चुनौती दी और कथित तौर पर नोटिस को खारिज करने की कोशिश की।
उन पर अध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप है।
अनावश्यक विवाद खड़ा करने की कोशिश
अध्यक्ष ने कहा, सांसद द्वारा एक पुरानी तस्वीर साझा कर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की कोशिश की गई, जबकि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की अपने नेताओं के साथ तस्वीरें होना सामान्य बात है।
आयोग अध्यक्ष ने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 1997-98 में छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत की और वर्षों तक विभिन्न पदों पर कार्य करने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है।
सांसद के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार द्वारा उन्हें महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का दायित्व सौंपा गया है, जिसे वह पूरी गंभीरता से निभा रही हैं।
कहा कि महिला आयोग के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने के मामले में वह सांसद के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी, ताकि भविष्य में महिलाओं के सम्मान के साथ इस प्रकार की टिप्पणी करने की पुनरावृत्ति न हो।
वहीं, सांसद पप्पू यादव की ओर से औपचारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया गया है, हालांकि उनके सोशल इंटरनेट पोस्ट के बाद विवाद और तेज हो गया है।