मुंगेली : जरहागॉव की महिलाओं ने मत्स्य पालन से बदली अपनी तक़दीर : मत्स्य पालन कर कमाए लगभग 03 लाख रुपये…

विकासखण्ड मुंगेली के नगर पंचायत जरहागॉव की रामजानकी मछुआ सहकारी समिति मर्यादित आज महिला नेतृत्व, सामूहिक प्रयास और स्वरोजगार आधारित आजीविका का सशक्त उदाहरण बन चुकी है।

समिति की अध्यक्ष श्रीमती मीनाबाई धुरी के नेतृत्व में जरहागॉव की 25 महिला सदस्यों ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह प्रशस्त की है।

समिति द्वारा नगर पंचायत जरहागॉव स्थित शासकीय अमहा तालाब को 10 वर्षों की अवधि के लिए पट्टे पर लिया गया है। इसके पश्चात समिति ने वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन कार्य प्रारंभ किया।

निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता के परिणामस्वरूप समिति का उत्पादन एवं आय निरंतर बढ़ रही है।

समिति द्वारा एक साल में लगभग 3.3 क्विंटल मत्स्य उत्पादन किया गया, जिससे लगभग 3.00 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार की संभावनाओं को सशक्त रूप से दर्शाती है।

मत्स्य पालन विभाग के सहायक संचाकल आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि समिति के उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए मत्स्य विभाग द्वारा समय-समय पर आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।

विभाग के माध्यम से समिति को जाल, आइस बॉक्स, प्लेक्टॉन ग्रोवर उपलब्ध कराए गए, साथ ही 10 दिवसीय विभागीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे सदस्यों की तकनीकी दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

समिति की प्रारंभिक लागत को कम करने और कार्य विस्तार हेतु समिति की मांग पर विभाग द्वारा 03 लाख रुपये का ऋण प्रकरण बैंक को प्रेषित किया गया। समिति की कार्यशीलता और अनुशासित संचालन को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, जरहागॉव द्वारा 02 लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत एवं वितरित किया गया।

पूर्व में समिति की अधिकांश सदस्य केवल कृषि पर आधारित थीं, जिससे सीमित आय ही प्राप्त हो पाती थी। मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़ने के पश्चात समिति को अतिरिक्त आय के नए स्रोत मिले, जिससे सदस्यों की आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।

इसके साथ-साथ महिलाओं की सामाजिक प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास और निर्णय-क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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