शहर के दक्षिणी सेक्टरों (31 से 56, 61 और 63) में जीआईएस आधारित मैकेनाइज्ड और मैनुअल सफाई व्यवस्था पर संकट अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है।
सफाई का काम देख रही लायन सर्विसेज लिमिटेड की एक महीने की एक्सटेंशन समाप्त होने के बाद जहां सफाई व्यवस्था पर अनिश्चितता बनी हुई है, वहीं मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस के पार्षद एकजुट होकर मेयर सौरभ जोशी से मिलने पहुंचे और निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
ब्रेकिंग घटनाक्रम में पार्षदों ने महापौर को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जब तक वर्तमान नगर निगम कमिश्नर अपने पद पर बने रहेंगे, वे किसी भी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। पार्षदों ने 30 मई को होने वाली निगम सदन की बैठक के बहिष्कार का भी ऐलान कर दिया है, जिससे नगर निगम की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
लायन सर्विसेज को दी गई एक महीने की एक्सटेंशन खत्म
लायन सर्विसेज को दी गई एक महीने की एक्सटेंशन खत्म हो चुकी है और निगम अधिकारी कंपनी को आगे एक्सटेंशन देने के पक्ष में नहीं हैं। जानकारी के अनुसार, कंपनी ने नए टेंडर में सबसे कम 5.93 करोड़ रुपये प्रतिमाह (71.16 करोड़ रुपये सालाना) की बोली दी थी, लेकिन यह निगम के अनुमानित 4.39 करोड़ रुपये मासिक खर्च से 35.01 प्रतिशत अधिक थी। इसी आधार पर अधिकारियों ने दोबारा टेंडर आवंटित करने पर सहमति नहीं दी और पूरे मामले की जानकारी सेक्रेटरी लोकल गवर्नमेंट को भी भेजी गई है।
हालांकि निगम सदन की पिछली बैठक में लायन सर्विसेज को लोएस्ट बिडर होने के आधार पर काम सौंपने का प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन अधिकारियों ने नियमों का हवाला देकर इससे इनकार कर दिया। अब इस मुद्दे पर निगम सदन और अधिकारियों के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
इस बीच सफाई कर्मचारियों में नौकरी जाने की आशंका भी बनी हुई है। सोमवार को कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे थे और उनके प्रतिनिधियों ने मेयर सौरभ जोशी तथा नगर निगम कमिश्नर से मुलाकात की थी।
कर्मचारियों को भरोसा दिलाया गया है कि किसी की नौकरी नहीं जाएगी। फिलहाल नगर निगम के डीसी रेट पर कर्मचारियों को वेतन देकर सफाई व्यवस्था जारी रखने की चर्चा है, ताकि दक्षिणी सेक्टरों में सफाई कार्य प्रभावित न हो।