भारत के एक वरिष्ठ राजनयिक सिबी जॉर्ज इस वक्त मीडिया की हेडलाइन में छाए हुए हैं। पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान सिबी जॉर्ज की नॉर्वेजियन पत्रकार के साथ तीखी बहस हो गई थी। इस दौरान सिबी ने लोकतंत्र, मानवाधिकार और प्रेस की आजादी के मामले में भारत का बचाव किया था।
सिबी जॉर्ज 1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं। वह मूल रूप से केरल के कोट्टायम जिले के रहने वाले हैं और उन्होंने ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन दोनों में गोल्ड मेडल हासिल किया है।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) के पद पर कार्यरत
काहिरा स्थित अमेरिकन यूनिवर्सिटी, IIM अहमदाबाद और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सिबी जॉर्ज अभी विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) के पद पर कार्यरत हैं।
वह यूरोप, पश्चिम एशिया के देशों और बहुपक्षीय मंचों के साथ भारत के संबंधों से जुड़ा मामला देखते हैं। इससे पहले वह जापान, स्विट्जरलैंड, कुवैत, होली सी, लिकटेंस्टीन और मार्शल आइलैंड्स में भारत के राजदूत के तौर पर काम कर चुके हैं।
काहिरा से शुरू हुआ था राजनयिक करियर
सिबी जॉर्ज का राजनयिक करियर काहिरा से शुरू हुआ था। इसके बाद उन्होंने दोहा, इस्लामाबाद और वॉशिंगटन डीसी में काम किया। तेहरान और रियाद में वह मिशन के उप-प्रमुख रहे। वह नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पद संभाल चुके हैं।
सिबी को 2014 में भारतीय विदेश सेवा में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए विदेश मंत्रालय का एस. के. सिंह पुरस्कार प्रदान मिल चुका है।
पत्रकार ने पूछे थे सवाल
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे की यात्रा के दौरान ओस्लो में एक पत्रकार ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बार-बार यह जवाब मांगा कि ‘भारत पर भरोसा क्यों किया जाना चाहिए।’
तब सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है और अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में कानूनी उपचार भी देता है।
भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि देश ने आजादी के समय से ही महिलाओं के लिए समान मतदान अधिकारों को सुनिश्चित किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई बहस
सवाल का जवाब देते हुए जॉर्ज ने बार-बार अनुरोध किया कि जब वे जवाब दे रहे हों तो उन्हें बीच में न टोका जाए और कहा, “मुझे सवाल का जवाब देने दीजिए, कृपया मुझे बीच में न टोकें। आपने एक सवाल पूछा है यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है। आपने पूछा कि किसी देश को भारत पर भरोसा क्यों करना चाहिए तो मुझे उस सवाल का जवाब देने दीजिए।”
भारत के मीडिया परिदृश्य के पैमाने और विविधता का जिक्र करते हुए जॉर्ज ने कहा कि देश में एक जीवंत और बेहद सक्रिय प्रेस इकोसिस्टम है, जो कई भाषाओं में काम करता है।
भारत द्वारा कानूनी मानदंडों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के पालन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “भारत एक ऐसा देश है जो कानून के शासन में विश्वास रखता है। हम हमेशा नियमों का पालन करते आए हैं, चाहे वे कहीं भी हों। हम पूरी तरह से नियमों के अनुसार चलते हैं। यही भारत की साख है।”