बेअदबी पर देश का सबसे सख्त कानून मंजूर: क्या है ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन 2026’?…

श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की साजिश की या बेअदबी की तो अब दोषी को 10 वर्ष से लेकर उम्र कैद की सजा हो सकती है। क्योंकि 13 अप्रैल को पंजाब सरकार द्वारा विधानसभा में सर्वसम्मति से पास किया गया ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंजूरी दे दी है।

इस संबंधी जानकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद दी है। नीदरलैंड दौरे पर गए मुख्यमंत्री राज्यपाल द्वारा बिल को मंजूरी देने पर धन्यवाद किया है।

विधान सभा में बिल पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गारंटी दी थी अब कोई पांचवां बिल नहीं आएगा। बता दें कि इस बिल से पहले तीन बार पहले ही बेअदबी की सजा का बिल पेश हो चुका था।

इस बिल में बेअदबी के लिए कम से कम सात साल की कैद (जिसे बढ़ाकर 20 साल तक किया जा सकता है) और 2 लाख से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान करता है।

वहीं, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साज़िश के तहत की गई बेअदबी के लिए और भी कड़ी सज़ाएं तय की गई हैं, जिनमें उम्रकैद (ता-उम्र) और 25 लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है। विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था।

बिल को राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं

पंजाब सरकार ने दावा किया था कि यह स्टेट बिल है। इसलिए इसे राज्यपाल को राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि विपक्षीय पार्टियां इस बात की आशंका जता रही थी की राज्यपाल इस बिल को राष्ट्रपति को भेज सकते हैं।

क्या हैं संशोधन

इस संशोधन के ज़रिए प्रस्तावना के शुरुआती पैराग्राफ़ को बदला गया है। इसका मकसद इस बात पर जोर देना है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) या उसके द्वारा अधिकृत किसी अन्य संस्था के अलावा, कोई भी अन्य संस्था स्वरूपों की छपाई, प्रकाशन, भंडारण, वितरण या आपूर्ति न करे।

यह सिख रहत मर्यादा (सिख आचार संहिता और रीति-रिवाजों) के अनुसार पवित्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देता है, साथ ही यह अपवित्रीकरण को परिभाषित करता है, उसके लिए दंड का प्रावधान करता है, और एक ऐसा “निवारक ढांचा” तैयार करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *