डोरंडा स्थित कुसई कॉलोनी में बिजली विभाग के आवासीय परिसर में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। विभाग द्वारा कराए गए प्रारंभिक आकलन के अनुसार, कुल 251 आवासों में से करीब 100 आवासों पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है।
कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां कर्मचारी के ट्रांसफर या निधन के बाद भी आवास खाली नहीं किए गए हैं। कुसई कॉलोनी में न सिर्फ आवासों पर कब्जा है, बल्कि आधा दर्जन से अधिक अवैध खटाल भी संचालित हो रहे हैं।
इसके अलावा परिसर में 18 अवैध दुकानों की पहचान की गई है, जिनमें राशन, पान और अन्य दैनिक उपयोग की दुकानें शामिल हैं। कई जगहों पर झोपड़ियां बनाकर भी अतिक्रमण किया गया है।
विभाग ने तैयार की सूची, कार्रवाई के संकेत
बिजली विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अवैध कब्जाधारियों की सूची तैयार कर ली है। यह जिम्मेदारी कनीय अभियंता (असैनिक) राम नरेश और कार्यपालक अभियंता हेमंत कुमार को सौंपी गई थी।
तैयार सूची को एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक और मुख्यालय को सौंप दिया गया है। महाप्रबंधक द्वारा इस संबंध में औपचारिक पत्र भी जारी किया गया है।
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के रांची एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने स्पष्ट किया है कि कुसई कॉलोनी में चल रहे अवैध कब्जे, खटाल और दुकानों को हटाने की योजना बनाई जा रही है।
साथ ही जिन कर्मचारियों को आवास आवंटित किया जाना है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
जर्जर हो चुके हैं कई आवास
कुसई कॉलोनी के कई आवास जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं। वर्षों से मरम्मत नहीं होने के कारण कई मकानों की हालत खराब हो गई है।
बारिश के दौरान छत गिरने और पानी रिसने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कर्मचारियों को चोट तक लग चुकी है। कई जगहों पर कब्जाधारी खुद ही मरम्मत कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश मकानों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
चिन्हित अवैध खटाल और दुकानें
विभाग द्वारा जारी सूची में 8 अवैध खटाल चिन्हित किए गए हैं, जिनमें राम प्रवेश, रामलाल यादव, जानकी राय, विरेंद्र कुमार, विकास यादव, संजय गिरी, चुनामनी और लट्टू यादव शामिल हैं।
वहीं, 18 अवैध दुकानों में रंजन कुमार स्टोर, मिथलेश सिंह, दशरथ पानी दुकान, सिकंदर, बिपीन कुमार, आनंद मिस्त्री, पिटर, भारत गोसाई, टिपन यादव, रामअवतार, मिथुन, अजू वर्मा, हरी गिरी, ओम प्रकाश, चंद्रिका बैठा, विपिन बैठा और बड़कू ठाकुर के नाम शामिल हैं।
जल्द शुरू होगी विभागीय कार्रवाई
विभाग अब सूची के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। संभावना है कि जल्द ही अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ अभियान चलाकर आवासों को खाली कराया जाएगा और परिसर को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। साथ ही जुर्माना भी वूसला जाएगा। यह आवासीय परिसर में व्यापार करना अवैध है।