क्या बदलने वाली है देश की शिक्षा व्यवस्था? पीएम मोदी की बैठक में बनेगा रोडमैप…

ऐसे समय जब पूरे देश में पेपर लीक की लगातार हो रही घटनाओं से देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा गर्म है तब पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली एक अहम बैठक में देश में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुछ अहम विषयों पर विमर्श होने जा रहा है।

11 जून को नीति आयोग की बैठक

11 जून, 2026 को यह बैठक नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की होगी, जिसमें वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लिए जरूरी मानव संसाधन के विकास, बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, सेकेंडरी स्तर की शिक्षा व्यवस्ता, बच्चों की एक्स्ट्रा कैरीकुलर एक्टीविटीज यानी पढ़ाई के लिए अलावा बच्चों को खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, लीडरशिप कार्यक्रम आदि को लेकर किस तरह की नीति बनाई जाए, इस पर बहस होगी।

साथ ही किस तरह से राज्यों में नियमों व व्यवस्थाओं को ज्यादा से ज्यादा उदारवादी बना कर आर्थिक प्रगति की रफ्तार तेज की जाए, इस पर भी विमर्श होगा।

शिक्षा व्यवस्था पर गहन चर्चा

बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के हिस्सा लेने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि आगामी बैठक में सीधे तौर पर पेपर लीक से जुड़े मुद्दे तो शामिल नहीं है लेकिन बहुत संभव है कि कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तरफ से इस मुद्दे को उठाया जाए।

चूंकि पहले ही सभी राज्यों को यह संदेश दिया गया है कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुछ अहम विषयों पर चर्चा होनी है लिहाजा मुख्यमंत्री इस बारे में अपने सुझाव दे सकते हैं।

मुख्य तौर पर विकसित भारत के लक्ष्यों के मुताबिक मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को किस तरह से बदला जाए और इस बारे में केंद्र व राज्यों के बीच किस तरह से सामंजस्य हो, इसको लेकर ज्यादा फोकस रहेगा।

बहुत संभव है कि कांग्रेस शासित राज्य केरल व कर्नाटक के नये मुख्यमंत्रियों की तरफ से पेपर लीक को लेकर सरकार को असहज करने की कोशिश की जाए।

मुख्यमंत्रियों से परामर्श लेंगे पीएम मोदी

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद हो रही इस बैठक में पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी, केरल के सीएम वी. डी. सतीशन और तमिलनाडु के सीएम जोसेफ विजय इसमें पहली बार हिस्सा ले सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि इस बैठक को मई, 2026 में पीएम मोदी की उनके मंत्रिमंंडल के सभी सदस्यों के साथ और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ हुई अलग अलग बैठकों के संदर्भ में भी देखना चाहिए।

उक्त बैठकों में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों को दूर करने के लिए रिफॉर्म एक्सप्रेस व विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यों के स्तर पर कारोबार करने की राह की अड़चनों को दूर करने को प्राथमिकता के तौर पर लेने की बात कही थी।

मुख्य सचिवों की बैठक में कई ऐसे फैसले किये गये थे जिनको लेकर अब मुख्यमंत्रियों के साथ विमर्श किया जाएगा। इसमें वामपंथी हिंसा से मुक्त कराये गये जिलों व क्षेत्रों के लिए विशेष कार्यक्रम व योजनाओं को लागू करना भी शामिल है। कुछ विषयों पर नीति आयोग की तरफ से तैयार किये गये प्रेजेंटेशन भी दिए जाने की संभावना है।

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