रोज करते हैं शिव चालीसा का पाठ, लेकिन क्या जानते हैं इसके रचयिता कौन हैं? जानिए अनसुना रहस्य…

 सावन में शिव पूजा के दौरान शिव चालीसा (Shiv Chalisa) का पाठ करने का बेहद खास महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विधिपूर्वक शिव चालीसा का पाठ करने से महादेव की कृपा से सुख-शांति बनी रहती है और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

क्या आप शिव चालीसा का इतिहास जानते हैं और इसके रचयिता कौन हैं। आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि किसने लिखी थी शिव चालीसा और इसके पाठ करने के नियम के बारे में।

किसने लिखी शिव चालीसा?

शिव चालीसा संत अयोध्यादास जी ने लिखी थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शिव चालीसा के आखिरी में संत अयोध्यादास जी का नाम है। इससे यह बात स्पष्ट होती है कि शिव चालीसा के रचयिता संत अयोध्यादास हैं।

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

शिव चालीसा की इस पंक्ति का अर्थ है कि हे माता पार्वती के पुत्र भगवान गणेश आपकी जय हो। आप सभी तरह के कल्याण, मंगल और शुभ कार्यों के स्रोत हैं। अयोध्यादास जी प्रभु से कहते हैं कि हे प्रभु आप सभी तरह के भयों से मुक्त करके हमे निडर का वरदान प्रदान करें।

शिव चालीसा का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, नियमित रूप से शिव चालीसा का पाठ करने से शिव भक्त को जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है और महादेव के संग मां पार्वती की अपार कृपा प्राप्त होती है। साथ ही सभी भय दूर होते हैं और एक अद्भुत ऊर्जा मिलती है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • वैसे तो शिव चालीसा का पाठ किसी भी दिन किया जा सकता है, लेकिन सोमवार, सावन, महाशिवरात्रि के दिन शिव चालीसा का पाठ करना अधिक लाभकारी माना जाता है।
  • शिव चालीसा का पाठ करने से पहले सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • इसके बाद मंदिर की सफाई करने के बाद चौकी पर शिव जी और मां पार्वती की प्रतिमा को विराजमान करें।
  • विधिपूर्वक शिवलिंग का अभिषेक करें।
  • एक बात का ध्यान रखें कि अभिषेक के दौरान मुख पूर्व दिशा या उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए।
  • देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें।
  • इसके बाद सच्चे मन से शिव चालीसा का पाठ करें।
  • शिव चालीसा का पाठ अधिक जोर से नहीं करना चाहिए।
  • इस दौरान किसी के बारे में गलत न सोचें।
  • भूलकर भी काले रंग के कपड़े धारण न करें।
  • चालीसा का उच्चारण बिल्कुल स्पष्ट और सही होना चाहिए।
  • पाठ करने के बाद महादेव को हलवा, फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *