बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 सीटों के लिए मतदान चल रहा है। इस बीच मुर्शिदाबाद में आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इस दौरान लाठियां चलीं और पत्थर भी फेंके गए।
इससे पहले, मुर्शिदाबाद जिले के नउदा विधानसभा क्षेत्र में बुधवार रात बमबाजी हुई। तृणमूल कांग्रेस सांसद अबू ताहेर खान ने इसके पीछे हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के लोगों का हाथ बताया है।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं को भयभीत करने के लिए हुमायूं की पार्टी के लोगों ने बमबाजी की है। चुनाव आयोग ने इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।
चश्मदीदों ने क्या बताया?
एक चश्मदीद ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, “मैं कल रात लगभग 8 बजे नमाज पढ़ने के लिए बाहर आया। मैं खड़ा था और दो लड़के आए और मेरे पैर के नजदीक बम फेंक दिया। हुमायूं कबीर की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यह सब किया है।”
हुमायूं कबीर ने आरोपों को बताया निराधार
हुमायूं कबीर ने कहा, “नउदा, रेजीनगर और मुर्शिदाबाद की सभी 22 सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो रहा है। लेकिन नउदा के दो बूथों पर 9 और 10 यहां रात में कुछ घटना घटी है। उन लोगों ने पुलिस का बैग छीन लिया।”
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
वहीं, रायपुर गांव के निवासियों ने दावा किया कि सुबह से ही वहां हथियारबंद लोग मौजूद थे, जिससे डर का माहौल बन गया था। ये आरोप सत्ताधारी टीएमसी पर लगाए गए।
चुनाव आयोग ने इस मामले पर रिपोर्ट मांगी और बाद में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया। जब मतदान फिर से शुरू हुआ, तो सुरक्षाकर्मी मतदाताओं को बूथ तक ले गए।
EVM में खराबी के कारण कई बूथों पर मतदान में देरी हुई या वह रुक गया। इनमें मुर्शिदाबाद के बेलडांगा, शमशेरगंज और कांडी के बूथ शामिल थे। नंदीग्राम, मालदा, कूच बिहार और सिलीगुड़ी से भी इसी तरह की समस्याएं सामने आईं।