यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान प्रयागराज के पं. अनंतराम पाण्डेय इंटरमीडिएट कालेज लेहारी बसही, करछना केंद्र की रसायन विज्ञान की परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है।
इस परीक्षा केंद्र की 286 उत्तर पुस्तिकाओं में से 42 के साथ लगाई गई ‘ब’ उत्तर पुस्तिकाओं में लिखावट बदली हुई है। ऐसे में आशंका है कि ‘ब’ कापी बाहर से लिखकर बाद में ‘अ’ के साथ नत्थी की गई है।
इस केंद्र की सभी कॉपियों की स्क्रीनिंग कराने के निर्देश
यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने इस केंद्र की सभी विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रीनिंग कराने तथा संबंधित अनुक्रमांक के अन्य विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं के सघन मूल्यांकन के निर्देश दिए हैं।
पश्चिम के एक जिले के मूल्यांकन केंद्र के उप नियंत्रक ने मुख्य नियंत्रक को रिपोर्ट भेजकर बताया कि प्रयागराज के संबंधित केंद्र की रसायन विज्ञान की कुछ उत्तर पुस्तिकाओं में प्रश्नों के उत्तर भाषा बदलकर अंग्रेजी भाषा में दिए गए हैं।
उत्तर पुस्तिकाओं में हस्ताक्षर अलग-अलग
कक्ष निरीक्षकों के ‘अ’ व ‘ब’ उत्तर पुस्तिकाओं में हस्ताक्षर भिन्न हैं। कुछ उत्तर पुस्तिकाओं में परीक्षार्थी द्वारा हल किए गए प्रश्नों के उत्तरों को ‘अ’ उत्तर पुस्तिका में काटकर ‘ब’ में पुन: किसी अन्य हस्तलेख में हल किया गया है।
इस तरह परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने की पूर्ण संभावना है। ऐसे में संबंधित 42 उत्तर पुस्तिकाओं के संबंध में अग्रेतर कार्यवाही के लिए मार्गदर्शन मांगा गया।
बोर्ड सचिव के सख्त निर्देश
मामले में बोर्ड सचिव ने संबंधित उत्तर पुस्तिकाएं क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। इनकी स्क्रीनिंग क्षेत्रीय कार्यालय में विषय विशेषज्ञों से कराई जाएगी।
बोर्ड सचिव ने संबंधित मूल्यांकन केंद्र के उप नियंत्रक रवीन्द्र पाल सिंह, उप प्रधान परीक्षक संदीप रुहेला तथा परीक्षकों देवेश गुप्ता, अखिलेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार व क्षेत्रपाल सिंह वर्मा को उनके शुचितापूर्ण और निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
सभी कक्षों की रिकार्डिंग कब्जे में लेने के निर्देश
बोर्ड सचिव ने संबंधित परीक्षा केंद्र के सभी कक्षों की रिकार्डिंग कब्जे में लेने के निर्देश प्रयागराज के डीआइओएस पीएन सिंह को दिए हैं। यह भी बताने को कहा है कि करछना के इस केंद्र की उत्तरपुस्तिकाएं कितने बजे संकलन केंद्र पर आनी चाहिए थीं और कितने-कितने बजे आई हैं। अभिलेखों से यह भी देखें कि कौन-कौन कक्ष निरीक्षक नियुक्त थे और क्या उनकी ड्यूटी नियमानुसार लगी थी।