स्विट्जरलैंड के इस्लामिक स्कॉलर तारिक रमजान को बुधवार को पेरिस की एक आपराधिक अदालत ने तीन महिलाओं के साथ दुष्कर्म के आरोप में 18 साल की जेल की सजा सुनाई है। तारिक रमजान पहले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में समकालीन इस्लामिक अध्ययन के प्रोफेसर थे।
#MeToo मूवमेंट के दौरान 2017 में फ्रांस में बलात्कार के आरोप लगने के बाद उन्हें ऑक्सफोर्ड से छुट्टी लेनी पड़ी। उन्होंने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है।
पेरिस कोर्ट में गैरहाजिरी
यूरोपीय इस्लाम में एक करिश्माई लेकिन विवादित हस्ती माने जाने वाले रमजान ने हमेशा खुद को बेकसूर बताया है। हालांकि, 2 मार्च से पेरिस में उन पर 2009 से 2016 के बीच तीन महिलाओं के साथ कथित तौर पर किए गए रेप के मामलों में मुकदमा चल रहा था, लेकिन रमजान खुद कोर्ट में पेश नहीं हुए।
उनके वकील ने उनकी गैर-मौजूदगी की वजह मल्टीपल स्क्लेरोसिस की बीमारी का बढ़ जाना बताया, जिसके लिए उन्हें जिनेवा के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। लेकिन कोर्ट के आदेश पर हुई मेडिकल जांच में इस बात को खारिज कर दिया।
रमजान की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी
पीठासीन जज कोरीन गोएट्जमैन ने बताया कि 63 साल के रमजान की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर दिया गया है। कोर्ट ने स्कॉलर को सजा पूरी होने के बाद दोबारा फ्रांस की धरती पर कदम रखने से भी रोक लगा दिया है।
2025 में, स्विट्जरलैंड की सुप्रीम कोर्ट ने रमज़ान की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने लगभग दो दशक पहले जिनेवा के एक होटल में एक महिला के साथ रेप के मामले में अपनी सजा को चुनौती दी थी।
कोर्ट ने जिनेवा की अदालत द्वारा सुनाई गई तीन साल की जेल की सजा को बरकरार रखा; जिसमें से दो साल की सजा को निलंबित किया था। मुकदमे से पहले वे कतर और मोरक्को की यूनिवर्सिटीज में भी विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में काम कर चुके है।