एक कोशिश ऐसी भी…

वर्षा वर्मा (समाज सेविका):

मानवता की सेवा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कर्मों से सिद्ध होती है। इसी भावना को साकार करते हुए प्रभु ने संस्था ने 6 लावारिस तथा 1 वारिस शव के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

संस्था का मानना है कि जीवन के सबसे कठिन क्षणों में किसी का सहारा बनना ही सच्ची सेवा है। यही सोच उन्हें हर उस व्यक्ति और परिवार तक पहुंचने के लिए प्रेरित करती है, जो किसी संकट, दुख या असहाय स्थिति का सामना कर रहा हो।

यह एक छोटी-सी कोशिश है:

  • किसी की उम्मीदों पर खरा उतरने की,
  • दुख और परेशानी की घड़ी में साथ खड़े होने की,
  • किसी की आंखों के आंसू पोंछने की,
  • कठिन समय में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग देने की,
  • मानवता और सेवा के मूल्यों को जीवंत रखने की।

संस्था निरंतर ऐसे कार्यों के माध्यम से लोगों के जीवन को थोड़ा आसान बनाने का प्रयास कर रही है। चाहे अस्पताल से घर तक का सफर हो, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद हो या निशुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराना-हर पहल का उद्देश्य पीड़ित और जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाना है।

  • एक छोटी सी कोशिश किसी की उम्मीद पर खरा उतरने की।
  • एक छोटी सी कोशिश दिल को तसल्ली देने वाले कार्य को अंजाम देने की।
  • एक छोटी सी कोशिश किसी के दुख में , परेशानी में साथ खड़े होने की।
  • एक छोटी सी कोशिश किसी के आंखों के आंसू को पोंछने की।
  • एक छोटी सी कोशिश किसी के इम्तिहान के घड़ी में कंधे से कंधा मिलकर साथ देने की।
  • एक छोटी सी कोशिश मानवता के नाम पर।
  • एक छोटी सी कोशिश प्रभु के नाम।
  • एक छोटी सी कोशिश घबराते हुए दिल को थाम कर मैं हूं ना वाले मलहम की।
  • एक छोटी सी कोशिश अस्पताल से घर तक के सफर को आसान करने की।
  • एक छोटी सी कोशिश माथे पर सिकन की लकीरें मिटाने की।
  • एक छोटी सी कोशिश हाथों में आए पसीने को पोछने की।
  • एक छोटी सी कोशिश महंगे वाले एम्बुलेंस सेवा को निशुल्क बनाने की।
  • एक छोटी सी कोशिश खुद के जीवन को सार्थक बनाने की ।
  • एक छोटी सी कोशिश खुद के दिल को तसल्ली देने की।
  • एक छोटी सी कोशिश लखनऊ के राम मनोहर लोहिया

इसी क्रम में प्रभु ने संस्था ने लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक जरूरतमंद परिवार को निशुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराते हुए सुरक्षित रूप से उनके गृह जनपद महाराजगंज पहुंचाया। संस्था का यह प्रयास न केवल सेवा का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि संवेदनशीलता और सहयोग से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

मानवता के प्रति समर्पित ऐसी छोटी-छोटी कोशिशें ही किसी के जीवन में बड़ी राहत और उम्मीद का कारण बनती हैं।

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