संकट की घड़ी में भारत के समर्थन पर ईरानी राजदूत ने जताया आभार, बोले-मुश्किल समय में मिला बड़ा साथ…

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान भारत और भारतीय जनता द्वारा दिखाई गई संवेदना एवं समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि कठिन समय में भारत के लोगों ने ईरान के साथ मजबूती से खड़े होकर दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की गहराई को प्रदर्शित किया।

गुरुवार को ईरान कल्चर हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फतहाली ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत के विभिन्न समुदायों के लोगों ने धार्मिक सीमाओं से ऊपर उठकर ईरानी जनता के प्रति सहानुभूति और एकजुटता दिखाई।

उन्होंने कहा कि लोगों ने आगे बढ़कर शोक व्यक्त किया और ईरान के दुख में सहभागी बने।फतहाली ने कहा, ‘हम भारत के लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। संकट के समय उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर हमारा साथ दिया और गहरी संवेदना प्रकट की। यह दोनों प्राचीन सभ्यताओं के बीच मजबूत संबंधों का प्रमाण है।’

उन्होंने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि भारतीयों ने धार्मिक पहचान से परे जाकर समर्थन और सहयोग की भावना दिखाई, जो दोनों देशों के बीच मौजूद पारंपरिक मित्रता को दर्शाता है। इस अवसर पर फतहाली ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी ईरान का रुख स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा कि ईरान युद्धविराम, संवाद और कूटनीतिक समाधान का समर्थक है, लेकिन अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।उन्होंने कहा, “हम बातचीत और शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हमारी संप्रभुता और सुरक्षा हमारी लाल रेखा है। यदि इसका उल्लंघन किया गया तो ईरान उसी अनुरूप जवाब देगा।’

राजदूत ने यह भी दोहराया कि ईरान का दावा है कि उसने कभी किसी युद्ध की शुरुआत नहीं की और वह क्षेत्र में स्थिरता तथा शांति का पक्षधर है।उल्लेखनीय है कि भारत ने भी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर लगातार चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने तथा संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान निकालने का आग्रह किया है।

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