ट्रंप परिवार की सट्टेबाजी की दुनिया में एंट्री से हलचल, प्रेडिक्शन मार्केट पर अमेरिकी कांग्रेस सख्त…

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में इन दिनों प्रेडिक्शन मार्केट को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है। ट्रंप परिवार की इन प्लेटफॉर्म से बढ़ती निकटता ने पारदर्शिता और हितों के टकराव पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप ने हाल ही में ट्रुथ प्रेडिक्ट नामक अपना प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की है, जो ट्रुथ सोशल ऐप में एकीकृत होगा। वहीं, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बड़े बेटे डोनल्ड ट्रंप जूनियर प्रमुख प्लेटफॉर्म्स काल्शी और पॉलीमार्केट से सलाहकार और निवेशक के रूप में जुड़े हुए हैं।

ये प्लेटफॉर्म यूजर्स को चुनाव, खेल, आर्थिक घटनाओं और अन्य वास्तविक घटनाओं के परिणामों पर दांव लगाने की सुविधा देते हैं। आलोचक इसे पारंपरिक जुआ का डिजिटल रूप मानते हैं।

ट्रंप परिवार के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि डोनल्ड जूनियर खुद ट्रेडिंग नहीं करते और न ही सरकार में किसी कंपनी की पैरवी करते हैं। उनका रोल मुख्य रूप से मार्केटिंग सलाह तक सीमित है।

इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगाम लगाने के प्रयास

इस साल अमेरिकी कांग्रेस में प्रेडिक्शन मार्केट्स को नियंत्रित करने के लिए कम से कम छह विधेयक पेश किए जा चुके हैं। इनमें इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक, चुनावी बाजारों पर सख्ती और कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन की शक्तियों को बढ़ाने जैसे प्रावधान शामिल हैं।

एक प्रस्ताव में स्पोर्ट्स, युद्ध, आतंकवाद और हत्या जैसी संवेदनशील घटनाओं पर दांव लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की गई है। कुछ विधेयकों में सरकारी अधिकारियों, कांग्रेस सदस्यों और राजनीतिक नियुक्तियों को ऐसे बाजारों में ट्रेडिंग से रोकने का प्रावधान है, खासकर जब उनके पास गैर-सार्वजनिक जानकारी हो। यह कदम मुख्य रूप से हितों के टकराव और भ्रष्टाचार की आशंकाओं को दूर करने के लिए उठाया जा रहा है।

ट्रंप परिवार का पुराना कैसिनो कारोबार पर नया दांव

तीन दशक पहले अप्रैल 1990 में डोनल्ड ट्रंप ने अटलांटिक सिटी में ताजमहल कैसिनो खोला था, जिसे उन्होंने दुनिया का आठवां अजूबा बताया था। लेकिन अब ट्रंप परिवार कैसिनो से बाहर है और प्रेडिक्शन मार्केट्स में नया अवसर तलाश रहा है। पारंपरिक कैसिनो और स्पोर्ट्सबुक ऑपरेटर्स का आरोप है कि ये डिजिटल प्लेटफॉर्म बिना उचित लाइसेंस के ऑनलाइन सट्टेबाजी चला रहे हैं।

सीएफटीसी ने इन प्लेटफॉर्म्स को राज्यों के सख्त जुआ कानूनों से छूट देने की दिशा में कदम उठाए हैं, जिससे नेवादा, न्यूजर्सी जैसे राज्यों में कानूनी लड़ाई छिड़ गई है। इन राज्यों में स्पोर्ट्स बेटिंग पर पाबंदियां हैं, लेकिन फेडरल स्तर पर सीएफटीसी का समर्थन मिलने से विवाद बढ़ गया है।

डिजिटल बाजार का तेज उछाल

प्रेडिक्शन मार्केट्स का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। हर हफ्ते इन प्लेटफॉर्म्स पर लगभग 41,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का दांव लग रहा है। फरवरी में सुपर बाउल के दिन काल्शी ने 1 अरब डॉलर की ट्रेडिंग का दावा किया, जबकि नेवादा के पारंपरिक कैसिनो में सट्टेबाजी 10 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।

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