देहरादून में चल रहे भैरव बटालियन के घातक प्लाटून प्रतियोगिता के दौरान एक हादसे में अपने साथी जवान की जान बचाकर जमानियां बाजार निवासी कैप्टन प्रशांत चौरसिया बलिदान हो गए।
20 मार्च 2026 को भैरव बटालियन के घातक प्लाटून प्रतियोगिता के दौरान दोपहर 1:30 बजे नदी पार करते समय हुए हादसे में कैप्टन प्रशांत चौरसिया ने अपनी जान की परवाह किए बिना घातक टीम के एक जवान की जान बचाने में वह खुद नदी में कूद गए।
नदी के पानी के नीचे पत्थर से टकरा जाने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें देहरादून स्थित मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रविवार को तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने अपने साथी जवान की जान तो बचा ली, लेकिन खुद अपनी जान देकर बलिदानी हो गए।
एक साहसी कैप्टन और सच्चे सैनिक कैप्टन चौरसिया ने अपनी अंतिम सांस तक घातक भावना को साकार किया। कैप्टन प्रशांत अपने माता पिता के तीन संतानों में मंझले थे।
इनसे बड़ी एक बहन सलोनी है, जिनका विवाह बीते माह हुआ है। वहीं इनका छोटा भाई मयंक चौरसिया घर पर रहकर पिता का हांथ बटाते हुए तैयारी करते हैं।
घटना की खबर लगते ही स्वजन कैप्टन प्रशांत के पार्थिव शरीर को लाने के लिए निकल पड़े, वहीं अपने लाल के बलिदान होने की खबर लगते ही मां सुमन देवी बेसुध होकर बिलखने लगी।