अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की होने वाली शांति वार्ता परमाणु मुद्दे पर अटक गई है।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को जो नया प्रस्ताव भेजा है, उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने नाखुशी जताई है और कहा है कि ईरान पतन के कगार पर है।
नए प्रस्ताव में अमेरिकी नाकेबंदी हटाने, युद्ध खत्म करने और परमाणु मुद्दे पर अलग से वार्ता की बात कही गई है।
जबकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी साफ कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार पाने से रोकना मुख्य मुद्दा है। भावी समझौते में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाना चाहिए।
ट्रंप ने ईरान के नए प्रस्ताव पर की चर्चा
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, सोमवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप ने अपने सुरक्षा सलाहकारों के साथ ईरान के नए प्रस्ताव पर विचार विमर्श किया।
मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने सलाहकारों से कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के नए प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं।
वार्ताओं के बारे में जानकारी रखने वाले अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव में अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी खत्म करने की बात है, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सवालों को टाल दिया गया है।
ईरान लंबे समय से अमेरिका के उन प्रस्तावों को ठुकराता आ रहा है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम छोड़ने और संवर्धित यूरेनियम सौंपे जाने की मांग है।
हालांकि यह साफ नहीं है कि ट्रंप प्रस्ताव से क्यों संतुष्ट नहीं है, लेकिन उन्होंने कई बार इस बात पर जोर दिया है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव को स्वीकार करने से ऐसा प्रतीत हो सकता है कि ट्रंप को जीत से वंचित किया जा रहा है।
ईरान ने होर्मुज खोलने की अमेरिका से की गुजारिश
रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि ईरान पतन के कगार पर है। उन्होंने अमेरिका से होर्मुज स्ट्रेट को खोलने में मदद करने का अनुरोध किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, ‘ईरान ने अभी-अभी हमें सूचित किया है कि वे पतन के कगार पर हैं। वे चाहते हैं कि हम जल्द से जल्द होर्मुज स्ट्रेट को खोल दें, क्योंकि वे अपनी नेतृत्व स्थिति का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके बारे में मेरा मानना है कि वे ऐसा करने में समक्ष होंगे।’
इससे पहले सोमवार को व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि अमेरिका अपनी सीमाओं को लेकर स्पष्ट है। वह उस युद्ध को समाप्त करने की कोशिश कर रहा है, जिसे उसने फरवरी में इजरायल के साथ मिलकर शुरू किया था।
एपी के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने कहा कि ईरान का होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने संबंधी प्रस्ताव स्वीकार नहीं है। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जो भी समझौता हो, वह उन्हें किसी भी समय परमाणु हथियार बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने से पूरी तरह रोके।’
होर्मुज स्ट्रेट 28 फरवरी से युद्ध शुरू होने के बाद से तकरीबन बंद है। वैश्विक तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी जलमार्ग से गुजरता है।
वार्ता पर अनिश्चितता के बीच रूस पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री
अमेरिका के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता पर अनिश्चितता के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस पहुंचे हैं। उन्होंने मंगलवार को कहा कि क्षेत्र में भारी अस्थिरता के बावजूद रूस और ईरान के बीच सहयोग बढ़ रहा है।
अराघची ने कहा, ‘हमारे संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। ऐसे में हम एकजुटता के लिए आभारी हैं और कूटनीति में रूस के समर्थन का स्वागत करते हैं।’ उनका यह बयान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बाद आया है।