प्रदेश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (बुधवार) को प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। हरदोई के मल्लावां में आयोजित एक समारोह में सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महात्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण करेंगे।
यह एक्सप्रेसवे न केवल प्रदेश के 12 जिलों और 519 गांवों को आपस में जोड़ेगा, बल्कि 12 औद्योगिक गलियारों (इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लाजिस्टिक क्लस्टर) के जरिये यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी साबित होगा।
करीब पौने दो घंटे तक चलने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री समेत केंद्र व प्रदेश सरकार के कई कद्दावर मंत्री शामिल होंगे। लोकार्पण समारोह को भव्य स्वरूप देने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं, जिसमें करीब डेढ़ लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है।
गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) की सबसे बड़ी विशेषता शाहजहांपुर के जलालाबाद के समीप बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है।
यह देश का पहला एक्सप्रेसवे है जहां रात्रि व आपातकालीन स्थिति में लड़ाकू विमान लैंड कर सकते हैं। मेरठ के बिजौली से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर डांडू तक जाने वाला यह करीब 594 किमी लंबा मार्ग पश्चिमी यूपी को सीधे पूर्वी छोर से जोड़ देगा। लोकार्पण के साथ ही एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे विकसित करने की प्रक्रिया भी तेज होगी।
हरदोई, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और रायबरेली जैसे जिलों में भूमि अधिग्रहण के साथ ही उद्योगों के लिए क्लस्टर बनाए जा रहे हैं।
इससे स्थानीय स्तर पर कृषि और व्यापार को गति मिलेगी और लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी इस परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने दिसंबर 2021 में शाहजहांपुर से इसका शिलान्यास किया था और अब 2027 के विधान सभा चुनावों से पहले हरदोई के मल्लावां से इसका लोकार्पण कर सरकार अपने विकासवाद के एजेंडे को और मजबूती देगी। यह एक्सप्रेसवे करीब 100 विधान सभा क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है।
वर्ष 2029 तक हो जाएगी 3200 किलोमीटर की कनेक्टिविटी
प्रदेश में यूपीडा ने 11 नए एक्सप्रेसवे व लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी काम शुरू कर दिया है। भूमि अधिग्रहण किया जा रहा। वर्ष 2029 तक राज्य में एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 3200 किलोमीटर हो जाएगी।
वर्तमान में प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क
- देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में अब 60 प्रतिशत होगी यूपी की हिस्सेदारी।
- राज्य में 1910 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे नेटवर्क हुआ तैयार।
- मई में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण बाद हो जाएगी 1973 किमी कुल लंबाई।
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करा रहा है।
- अन्य एक्सप्रेसवे का निर्माण उप्र एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने कराया।
ये जिले जुड़ेंगे
मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज।
वर्तमान में यूपी में संचालित एक्सप्रेसवे
- यमुना एक्सप्रेसवे : 165 किलोमीटर
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे : 302 किलोमीटर
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे : 341 किलोमीटर
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे : 296 किलोमीटर
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : 91 किलोमीटर
- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे: (25 किमी)
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: (96 किमी)
नोट- (इन सभी एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1316 किलोमीटर है।)