प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र की अवधि विशेष महत्व रखती है।
इस अवधि में साधक मां दुर्गा के निमित्त व्रत करते हैं और उनके अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं।
इससे साधक को समृद्धि और उन्नति का आशीर्वाद मिलता है।
ऐसे में चलिए पंचांग के जानते हैं कि नवरात्र के दूसरे दिन कौन-कौन से शुभ योग बन रहे हैं।
आज का पंचांग
संवत – 2083
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि समाप्त – देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक (21 मार्च)
ब्रह्म – रात 10 बजकर 15 मिनट तक
करण –
बालव – दोपहर 3 बजकर 43 मिनट तक
कौलव – देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक (21 मार्च)
वार – शुक्रवार
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय – सुबह 6 बजकर 25 मिनट से
सूर्यास्त – शाम 6 बजकर 32 मिनट पर
चंद्रोदय का समय – सुबह 7 बजे से
चन्द्रास्त का समय – शाम 7 बजकर 59 मिनट पर
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक
अमृत काल – रात 12 बजकर 13 मिनट से देर रात 1 बजकर 43 मिनट तक (21 मार्च)
आज के अशुभ समय
राहुकाल – सुबह 10 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 तक
गुलिकाल – सुबह 7 बजकर 56 मिनट से सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक
यमगण्ड – दोपहर 3 बजकर 30 मिनट से शाम 5 बजकर 1 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव रेवती नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
रेवती नक्षत्र – देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक (21 मार्च)
स्थान – 16°40’ मीन राशि से 30° मीन राशि तक
नक्षत्र स्वामी – बुधदेव
राशि स्वामी – बृहस्पतिदेव
देवता – पूषा (पोषण करने वाले देवता)
प्रतीक– मछली
सामान्य विशेषताएं – अंतर्ज्ञानी, चतुर, ईमानदार, साहसी, आकर्षक, चंचल, कानूनप्रिय, आशावादी, खुशमिजाज, सुंदर, समृद्ध, बुद्धिमान, सदाचारी, शिक्षित