अटलांटिक महासागर में केप वर्डे के पास फंसे क्रूज शिप एमवी होंडियस से हंटावायरस संक्रमित 3 मरीजों को बाहर निकाला गया और उन्हें मेडिकल इलाज के लिए नीदरलैंड्स भेजा गया। WHO के मुताबिक, ये तीनों मरीज जर्मन, डच और ब्रिटिश नागरिक हैं, जिनमें एक ब्रिटिश क्रू मेंबर भी शामिल है।
वायरस के कारण तीन लोगों की मौत हो चुकी है
इन लोगों में से अब तक दो मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पांच और मरीजों के सैंपल की जांच की जा रही है। इसके साथ ही इन सात लोगों में से तीन की मौत हो चुकी है, एक मरीज गंभीर हालत में है और तीन में हल्के लक्षण देखे गए हैं।
जानकारी के अनुसार, करीब 150 यात्रियों और क्रू मेंबर के साथ यह जहाज कई दिनों से समुद्र में ही रुका हुआ है, क्योंकि केप वर्डे ने संक्रमण के खतरे को देखते हुए इसे किनारे लगने की अनुमति नहीं दी। जहाज पर सवार बाकी लोगों को एहतियात के तौर पर अपने-अपने केबिन में रहने को कहा गया है।
कैनरी द्वीप समूह की क्षेत्रीय सरकार ने नहीं दी इजाजत
क्रूज ऑपरेटर, ओशनवाइड एक्सपीडिशंस ने अपने एक बयान में बताया कि, तीनों मरीजों को निकालने के बाद जहाज की पूरी जांच की जानी है। इसके लिए जहाज को कैनरी द्वीप समूह भेजा जाना है। हालांकि, इस द्वीप समूह की क्षेत्रीय सरकार के प्रमुख, फर्नांडो क्लैविजो ने इजाजत देने से मना कर दिया है।
सूत्रों की माने तो स्पेन के टेनेरिफ में जहाज की डॉकिंग की जाएगी। बता दें कि, यह लग्जरी क्रूज एक अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। रविवार से यह केप वर्डे के पास लंगर डाले खड़ा है; केप वर्डे अटलांटिक महासागर में अफ़्रीका के पश्चिमी तट पर स्थित एक द्वीप है।