आगरा में बन रहे मकान का ढांचा ढहने से ठेकेदार समेत तीन मजदूरों की जान गई…

एत्माद्दौला क्षेत्र के ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस एक में शनिवार शाम को मकान के दूसरे तल पर निर्माणाधीन ढांचा गिरने से ठेकेदार और दो श्रमिकों की मौत हो गई। हादसा द्वितीय तल पर स्टोर रूम की छत पर गर्डर पर पटिया रखने के दौरान हुआ।

गर्डर असंतुलित होने से ठेकेदार दोनों श्रमिक पत्थर, सीमेंट की बोरियाें समेत 30 फीट सड़क पर आकर गिरे। एक श्रमिक की मौके पर मौत हो गई। जबकि ठेकदार को एसएन इमरजेंसी और तीसरे श्रमिक को लखनऊ केजीएमसी में पहुंचने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकाी होने पर एसीएम और एसीपी छत्ता छत्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।

ट्रांस यमुना कॉलोनी फेज एक की घटना, गर्डर असंतुलित होने से ढहा ढांचा

घटना शनिवार शाम लगभग सवा चार बजे की है। ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस एक निवासी रवि प्रताप के घर में द्वितीय तल पर स्टोर रूम का निर्माण चल रहा है। एत्मादपुर के धौरा निवासी ठेकेदार मुन्नालाल, श्रमिक रंजीत और नगला छदामी एत्माद्दौला निवासी जगदीश दीवारों पर गर्डर रखने के बाद उस पर पटिया लगाने का काम कर रहे थे। तीनों पटिया पर खड़े थे। तीनों पटिया पर खड़े थे। इसी दौरान गर्डर एक ओर झुकने से पूरा ढांचा असंतुलित होकर ढह गया।

तीनों को डॉक्टरों ने घाेषित किया मृत

तीनों श्रमिक गर्डर, पत्थर, सीमेंट की बोरियाें समेत तीनों श्रमिक दूसरे तल से सड़क पर आ गिरे। हादसे से वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। घायल तीनों श्रमिकों को कृष्णा हॉस्पिटल और गोयल हॉस्पीटल लेकर गए। यहां डाक्टरों ने 30 वर्ष के रंजीत को मृत घोषित कर दिया।


द्वितीय तल पर स्टोर बनाने काे गर्डर पर पटिया डालने के दौरान हादसा

वहीं, ठेकेदार 60 वर्ष के मुन्नालाल की हालत गंभीर देख उसे गोयल हॉस्पीटल से शाम साढ़े सात बजे एसएन इमरजेंसी रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्रमिक 55 वर्ष के जगदीश को कृष्णा हॉस्पीटल से केजीएमसी लखनऊ रेफर किया गया था। रात साढ़े आठ बजे वह केजीएमसी पहुंचे, लेकिन देर हाे चुकी थी।

केजीएमसी में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चार घंटे के अंतराल में तीनों श्रमिकों की मौत की जानकारी होने पर उनके परिवारोंं में चीख-पुकार मच गई।

मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी

एसीएम द्वितीय विनोद कुमार और एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय मौके पर पहुंच गए। एसीपी शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि ऊंचाई से गिरने के चलते ठेकेदार और दोनों श्रमिकों के सिर में गंभीर चोट लगी थीं। जिससे उनकी मौत होने की आशंका है। श्रमिकों के स्वजन की ओर से फिलहाल कोई तहरीर नहीं दी गई है। हादसे की जांच की जा रही है।

पत्नी की मौत के बाद रंजीत पर थी दोनों बेटों की जिम्मेदारी

हादसे की जानकारी होने पर रंजीत के स्वजन मौके पर पहुंच गए। दोनों बेटों विवेक और ऋषि का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोगों ने बताया कि रंजीत की पत्नी रेनू की बीमारी के चलते दो वर्ष पहले मौत हो गई थी। जिसके बाद दोनों बेटों की जिम्मेदारी उस पर थी। वह मां और पिता दोनों की जिम्मेदारी उठा रहा था।

दोपहर में बच्चों से एक बार फोन पर बात कर लेता था। शनिवार को वह बेटों से बात नहीं कर पाया था। परिवार के लोगों ने दोनों बच्चों को हादसे की जानकारी नहीं दी थी। यहां पहुंचने पर उन्हें पिता की मौत का पता चला तो वह बुरी तरह रोने लगा।

इधर प्रार्थना करते रहे, उधर एक-एक करके मौत की खबर आती गई

हादसे की खबर मिलने पर ठेकेदार और श्रमिकों के स्वजन मौके पर पहुंच गए। वह अस्पताल पहुंचने तक तीनों के जीवन को लेकर प्रार्थना करते रहे। पहले शाम साढ़े चार बजे रंजीत की मौत की खबर मिली। जिसके बाद अस्पताल में भर्ती ठेकेदार मुन्नालाल के स्वजन बाहर उनके सकुशल होने की प्रार्थना करते दिखे।

अस्पताल से साढ़े सात बजे रेफर करके एसएन इमरजेंसी पहुंचने तक स्वजन प्रार्थना कर रहे थे। यहां पर उन्हें मृत घोषित करते ही स्वजन रोने लगे। एक घंटे बाद ही रात साढ़े आठ बजे लखनऊ केजीएमसी में जगदीश को भर्ती करने से पहले चिकित्सकों ने जांच की तो उसकी मौत हो चुकी थी।

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