श्रद्धालुओं को हनुमान जी की विशेष उपासना का अवसर इस वर्ष मिलने जा रहा है। ज्येष्ठ माह में इस बार आठ बड़े मंगल पड़ेंगे, जो सामान्य वर्षों की तुलना में लगभग दोगुना हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार हर तीसरे वर्ष आने वाला अधिमास (पुरुषोत्तम मास) इस बार 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहेगा।
इसी कारण दो मई से प्रारंभ हो रहा ज्येष्ठ माह 56 दिनों का हो जाएगा। इस विस्तारित अवधि में कुल आठ मंगलवार पड़ेंगे, जिन्हें बड़े मंगल के रूप में मनाया जाएगा। ज्येष्ठ माह के मंगलवारों को हनुमान जी की विशेष पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी की उपासना से भगवान श्रीराम भी प्रसन्न होते हैं।
काशी के ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन बड़े मंगलों पर शहर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ और भंडारों का आयोजन होगा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में हनुमान मंदिरों में पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगे। इस अवसर पर भक्तजन हनुमान जी की आराधना में लीन रहेंगे और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे।
हनुमान जी की उपासना का यह विशेष संयोग श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। भक्तजन इस दौरान अपने मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करेंगे। बड़े मंगल के दिन विशेष रूप से हनुमान चालीसा का पाठ और भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिससे समाज में एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
इस बार के बड़े मंगलों की विशेषता यह है कि श्रद्धालुओं को एक साथ मिलकर पूजा करने का अवसर मिलेगा, जिससे धार्मिक आस्था और भी मजबूत होगी। हनुमान जी की उपासना से न केवल व्यक्तिगत कल्याण की कामना की जाती है, बल्कि समाज के कल्याण की भी प्रार्थना की जाती है।
इस अवसर पर वाराणसी के विभिन्न मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए भव्य सजावट और विशेष पूजा सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। भक्तजन इस दौरान अपने परिवार के साथ मंदिरों में जाकर हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।
इस बार के बड़े मंगल का आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में एकता और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा। श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति इस अवसर को और भी विशेष बनाएगी