भारत में E20 वाहनों का उपयोग काफी तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर कई तरह की गलत बातें सामने आ रही हैं। जिसको लेकर सरकार काफी गंभीर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वाहन निर्माताओं की ओर से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर किस तरह की बात कही गई है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
अफवाहों का दिया जवाब
केंद्र सरकार की ओर से देश भर में पेट्रोल में ईथेनॉल के मिश्रण वाले ई20 पेट्रोल के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर काफी तेजी से अफवाहों को फैलाया जा रहा है। जिस पर एक बार फिर से जानकारी दी गई है।
इंजन को नहीे होगा नुकसान
वाहन निर्माताओं ने कहा है कि ई20 ईंधन से इंजन को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता है। ई20 पेट्रोल के कारण वाहनों के इंजन को इस कारण नुकसान नहीं होता है क्योंकि नए वाहनों के इंजन ई20 कम्प्लाइंट हैं।
वाहन निर्माताओं ने कोशिश
वाहन निर्माता मारुति सुजुकी, टोयोटा, बजाज, टीवीएस, हुंडई और हीरो मोटोकॉर्प के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश में वाहनों को लेकर हो रही चिंताओं को दूर किया।
अधिकारियों ने कही यह बात
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने कहा कि ऑटोमोटिव उद्योग सबसे ज़्यादा विनियमित क्षेत्रों में से एक है, जहां गाड़ियों को बाज़ार में लाने से पहले और बाद में स्वतंत्र और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त एजेंसियों द्वारा कड़े परीक्षण और प्रमाणीकरण से गुज़रना पड़ता है।
उन्होंने इथेनॉल को एक हाई-परफॉर्मेंस वाला और साफ़ ईंधन बताया, जिसका इस्तेमाल 1900 के दशक की शुरुआत से और फ़ॉर्मूला रेसिंग में भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ई20 पर जाने का फ़ैसला पुरानी गाड़ियों पर कड़े परीक्षण के बाद ही लिया गया। साथ ही, उन्होंने साफ़ किया कि हाल ही में शुरू किए गए ई85 वितरण केंद्र सिर्फ़ फ्लैक्स-फ्यूल गाड़ियों के लिए हैं।
मारुति सुजुकी के कॉर्पोरेट अफेयर्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव अधिकारी राहुल भारती ने ग्राहकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि ई10 के लिए डिज़ाइन की गई गाड़ियों का ई20 ईंधन के साथ सभी पैमानों पर परीक्षण किया गया है और कोई समस्या नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुजुकी द्वारा सर्विस की गई 2.84 करोड़ कारों में से 1.5 करोड़ से ज़्यादा कारें तीन साल से ज़्यादा पुरानी थीं और इसलिए वे ई20-प्रमाणीकृत नहीं थीं, फिर भी, गाड़ियों में जंग लगने, घिसने या नुकसान होने या गाड़ी के पार्ट्स की उम्र पर असर पड़ने जैसी ई20 से जुड़ी कोई समस्या सामने नहीं आई।
हीरो मोटोकॉर्प के चीफ़ बिज़नेस ऑफ़िसर आशुतोष वर्मा ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माण कंपनियों में से एक होने के नाते, कंपनी ने सर्विस से जुड़े बहुत सारे डेटा का विश्लेषण किया है। उन्हें ई20 पर चलने वाली गाड़ियों में पुराने ईंधन की तुलना में ज़्यादा नुकसान का कोई मामला नहीं मिला।