जनरल धीरज कुमार सेठ ने मंगलवार 30 जून को भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल ली है। कार्यभार संभालने के बाद बुधवार को जनरल धीरज सेठ ने एक ऐसा भावुक क्षण जिया, जिसने पूरे देश का दिल जीत लिया।
दरअसल, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को आर्मी चीफ के रूप में गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त करने के बाद वहां मौजूद अपने पिता और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ को सैल्यूट करते और पैर छूते नजर आए।
इस खास मौके पर उनके छोटे भाई रियर एडमिरल रवनीश सेठ भी अपने बड़े भाई और नए सेना प्रमुख को सैल्यूट करते नजर आए।
नए आर्मी चीफ धीरज कुमार सेठ के पिता लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ 1997 में भारतीय सेना के एडजुटेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए। उस समय जनरल धीरज सेठ कैप्टन के पद पर कार्यरत थे।
आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ ने इस दौरान कहा कि आज (30 जून को) भारतीय सेना के 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का पद संभालना मेरे लिए गर्व और विनम्रता की बात है। मैं ‘कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि’ के आदर्शों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ इस जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूं।
कौन हैं जनरल धीरज सेठ?
जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं। जनरल धीरज सेठ दिसंबर 1986 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे। आर्मी चीफ बनने से पहले उन्होंने उप सेना प्रमुख के तौर पर सेवाएं दी थी।
जनरल धीरज सेठ ने अपने पूरे सैन्य करियर में कई तरह की परिचालन और नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने रेजिमेंट का नेतृत्व करने से लेकर सेना की सबसे बड़ी सैन्य टुकड़ियों में से एक का नेतृत्व करने तक, हर स्तर पर सैनिकों की कमान संभाली है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, लगभग चार दशकों के अपने शानदार सैन्य करियर के दौरान, उन्हें ऑपरेशनल, रणनीतिक, क्षमता विकास और संस्थागत क्षेत्रों में अनुभव मिला है। उन्होंने भारतीय सेना की युद्ध क्षमता और लंबे समय के बदलाव में अहम योगदान दिया है।
जनरल धीरज सेठ ने जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद विरोधी बल का भी नेतृत्व किया था। लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में, उन्होंने सेना की प्रमुख आक्रमण इकाइयों में से एक, सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली थी।