अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपना 80वां जन्मदिन एक बेहद ही अनोखे और यादगार अंदाज में मनाया है। इस खास मौके पर व्हाइट हाउस का ‘साउथ लॉन’ एक हाई-वोल्टेज फाइटिंग रिंग में तब्दील हो गया, जहां दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) लीग यूएफसी के धमाकेदार मुकाबले आयोजित किए गए।
इस ऐतिहासिक आयोजन पर UFC ने पानी की तरह पैसा बहाया और करीब 6 करोड़ डॉलर (567 करोड़ रुपए) खर्च किए। इसे अब तक का सबसे महंगा UFC इवेंट माना जा रहा है। यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि अमेरिका इस साल अपनी आजादी की 250वीं सालगिरह मना रहा है और यह शो उसी जश्न का एक हिस्सा था।
गेथजे ने किया बड़ा उलटफेर, टोपुरिया को मिली पहली हार
इस इवेंट के फाइट कार्ड में कुल 7 रोंगटे खड़े कर देने वाले मुकाबले हुए। सबसे मुख्य और बड़ी फाइट लाइटवेट चैंपियन इलिया टोपुरिया और जस्टिन गेथजे के बीच हुई। 4 राउंड तक चले इस कड़े मुकाबले में अमेरिकी फाइटर जस्टिन गेथजे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने स्पेनिश विरोधी टोपुरिया को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया।
गेथजे ने लाइटवेट टाइटल की बेल्ट अपने नाम कर ली, जबकि टोपुरिया को अपने पूरे करियर की पहली हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि इस रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए खुद राष्ट्रपति ट्रंप, उनके कई सीनियर अधिकारी, खास मेहमान और हजारों की संख्या में अमेरिकी सैन्यकर्मी मौजूद थे।
जीत के बाद सीधे ट्रंप से मिले बो निकल
इसके अलावा एक और मुकाबले में फाइटर बो निकल ने पहले ही राउंड में खतरनाक खेल दिखाया। उन्होंने एक जोरदार लेफ्ट हुक और राइट पंच मारकर अपने प्रतिद्वंद्वी काइल डाउकस को रिंग में गिरा दिया (नॉकआउट कर दिया)। मुकाबला जीतने के तुरंत बाद बो निकल रिंग से बाहर आए और सीधे राष्ट्रपति ट्रंप के पास जाकर उनसे हाथ मिलाया और बातचीत की।
ट्रंप बोले- ‘यह धरती का सबसे बड़ा शो है’
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस आयोजन से बेहद खुश नजर आए। उन्होंने इसकी जमकर तारीफ करते हुए इसे ‘धरती का सबसे बड़ा शो’ बताया। वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि UFC सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अमेरिका की ‘सॉफ्ट डिप्लोमैटिक पावर’ को दिखाता है।
‘मानव मुर्गा लड़ाई’ से ‘दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड’ बनने का सफर
ध्यान रहे कि UFC की शुरुआत 33 साल पहले यानी 1993 में अमेरिका में हुई थी। शुरुआत में इस खेल को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। एक समय अमेरिकी सीनेटर ने तो इसे ‘मानव मुर्गा लड़ाई’ तक कह दिया था और स्पॉन्सर्स इससे दूर भागते थे। लेकिन आज यह दुनिया की सबसे बड़ी फाइटिंग लीग बन चुकी है, जहां फाइटर्स बॉक्सिंग, कराटे, कुश्ती और जिउ-जित्सु जैसी कई तकनीकों को मिलाकर ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ के जरिए मुकाबला करते हैं।
अमेरिका की आजादी के 250 साल का जश्न
गौरतलब है कि यह भव्य आयोजन ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका अपनी आजादी (4 जुलाई 1776) के 250 साल पूरे करने जा रहा है। पूरे देश में एक साल तक चलने वाले जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन ने इस सालगिरह को यादगार बनाने के लिए ‘टास्क फोर्स 250’ का गठन किया है, और व्हाइट हाउस में हुआ यह UFC शो इसी बड़े जश्न की एक शानदार शुरुआत है।