दिल्ली-एनसीआर के मेट्रो और नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को मोबाइल कनेक्टिविटी की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। ट्राई की एक रिपोर्ट ने नामी टेलीकॉम कंपनियों की खामियों की पोल खोल दी है।
ट्राई ने जताई स्पीड सुधारने की उम्मीद
यह सच सामने आया है भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI/ट्राई) के 490 किलोमीटर के कुल 15 मेट्रो और आरआरटीएस मार्गों पर ड्राइव टेस्ट के जरिए। ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों से जल्द से जल्द कवरेज बढ़ाने, कॉल ड्रॉप कम करने और स्पीड सुधारने की उम्मीद जताई है।
सर्वे में क्या-क्या किया गया शामिल?
ट्राई की सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है कि एमटीएनएल का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जबकि जीओ डाउनलोड स्पीड में आगे और एयरटेल अपलोड स्पीड में सर्वश्रेष्ठ रहा। ट्राई ने यह सर्वे अप्रैल 2026 किया था।
इनमें ब्लू लाइन, पिंक लाइन, येलो लाइन, वॉयलेट लाइन, मैजेंटा लाइन, ग्रीन लाइन, रेड लाइन, ग्रे लाइन, ऑरेंज लाइन, एक्वा लाइन, रैपिड मेट्रो और दिल्ली-मेरठ नमो भारत आरआरटीएस शामिल हैं।
कवरेज गैप (सिग्नल कवरेज में कमी)
- एमटीएनएल: 48.1% (सबसे खराब)
- एयरटेल: 2.4%
- जीओ: 2.5%
- वोडाफोन आइडिया: 2.8%
कॉल ड्रॉप रेट
- एमटीएनएल: 14.7% (51 कॉल ड्रॉप)
- एयरटेल: 1.0% (5 कॉल ड्रॉप)
- जीओ: 1.6%
- वोडाफोन आइडिया: 2.0%
डेटा डाउनलोड स्पीड (औसत)
- जीओ (5जी): 141.28 एमबीपीएस
- एयरटेल (5जी): 81.72 एमबीपीएस
- वोडाफोन आइडिया (5जी): 23.94 एमबीपीएस
- एमटीएनएल (4जी): 4.30 एमबीपीएस
डेटा अपलोड स्पीड (औसत)
- एयरटेल: 25.98 एमबीपीएस (सर्वश्रेष्ठ)
- जीओ: 19.99 एमबीपीएस
- वोडाफोन आइडिया: 16.96 एमबीपीएस
- एमटीएनएल: 1.84 एमबीपीएस
परीक्षण किए गए प्रमुख रूट
- सेक्टर-51 नोएडा से डिपो स्टेशन (एक्वा लाइन)
- द्वारका सेक्टर-21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी (ब्लू लाइन)
- वैशाली से यमुना बैंक (ब्लू लाइन)
- मयूर विहार-1 से मौजपुर-बाबरपुर (पिंक लाइन)
- समयपुर बादली से मिलेनियम सिटी (येलो लाइन)
- राजा नाहर सिंह से कश्मीरी गेट (वायलेट लाइन)
- दिल्ली से मेरठ (नमो भारत आरआरटीएस) सहित कुल 15 महत्वपूर्ण रूट
अंडरग्राउंड और इलेवेटेड दोनों हिस्सों में समस्या बरकरार
ट्राई ने इन नतीजों को सभी टेलीकॉम कंपनियों (एयरटेल, जीओ, वोडाफोन आइडिया और एमटीएनएल) के साथ साझा कर दिया है ताकि वे अपनी सेवाओं में सुधार करें।
ट्राई का कहना है कि ये परीक्षण यात्रियों को बेहतर मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराने और सेवा प्रदाताओं को सुधार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर के लाखों दैनिक मेट्रो यात्रियों के लिए यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंडरग्राउंड और इलेवेटेड दोनों हिस्सों में सिग्नल और इंटरनेट की समस्या रोजमर्रा की परेशानी बनी हुई है।