उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन की ओर से जिले में लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में करने का आदेश होते ही जिले के अभियंताओं ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले के 8,61,705 उपभोक्ताओं में से 2.10 लाख घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा दिए गए हैं। इनमें जीएमआर ने करीब 1.80 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए हैं।
पोस्टपेड मीटर के लिए घरों में लगाए स्मार्ट प्रीपेड मीटर को बदला नहीं जाएगा, बल्कि कार्यालय के सर्वर से बदल दिया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर को एडवांस में रिचार्ज किया है उनकी राशि उनके बिल में रहेगा। अगला बिल आने के साथ एडवांस राशि घटा दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन बिजली चोरी रोकने, बकाया वसूलने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाना शुरू किया था। स्मार्ट मीटर में कोई छेड़छाड़ नहीं कर पाएगा। इस बीच पिछले साल उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का निर्णय लिया।
इसमें बनारस में मेसर्स जीएमआर को तीन साल में करीब सात लाख उपभोक्ताओं का मीटर बदलकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया है। हालांकि, एक साल में उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 8,61,705 हो गया है।
जीएमआर लक्ष्य के सापेक्ष जिले में अभी 1.80 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा पाया था कि शासन ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक लगा दी। हालांकि, शासन से जीएमआर को स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक नहीं लगाई गई है, सिर्फ स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगेंगे।
ईईएसएल ने लगाए थे 20 हजार स्मार्ट मीटर
जिले के उपभोक्ताओं के मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया करीब पांच साल पहले शुरू हुई थी। ईईएसएल ने करीब 20 हजार स्मार्ट मीटर लगाए भी थे लेकिन तकनीकी दिक्कत और उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए ईईएसएल को मना कर दिया गया। इस बीच स्मार्ट मीटर लगाने के लिए कई कंपनियां आई। दो कंपनियों से उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन से अनुबंध भी हुए लेकिन बात आगे नहीं बढ़ की।
इतना दिया गया था लक्ष्य
मेसर्स जीएमआर को पहले चरण में सर्किल एक में 60273 और दो में 39618 तथा ग्रामीण क्षेत्र में 87442 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जीएमआर 1.80 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा पाई थी कि उसे लगाने से मना कर दिया गया है।
इस कारण आ रही समस्या
प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने पर उपभोक्ता मीटर तेज चलने, बैलेंस गायब होने और बिना सूचना के बिजली कटने की शिकायत कर रहे हैं। ऊर्जावान एप से खपत ट्रैक करने की सुविधा दी गई है, लेकिन कई जगहों पर एप भी सही काम नहीं कर रहा। जीएमआर कंपनी की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, लेकिन वे ज्यादातर व्यस्त रहते हैं। नेटवर्क कनेक्टिविटी, सर्वर क्षमता और उपभोक्ता जागरूकता की कमी इस समस्या को बढ़ा रही है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही थी कि हमेशा पर्याप्त बैलेंस रखें, रिचार्ज की रसीद सेव करें और समस्या होने पर तत्काल 1912 हेल्पलाइन या जीएमआर के नंबर पर शिकायत दर्ज करें। यदि समस्या बनी रहती है तो स्थानीय बिजली कार्यालय या नियामक आयोग से संपर्क करें। इन तमाम परेशानियों को लेकर उपभोक्ता का विरोध बढ़ने लगा। शासन ने जांच कराई तो स्मार्ट प्रीपेड मीटर में गड़बड़ी मिलने पर तत्काल प्रभाव से लगाने पर रोक लगा दिया।
डिविजन में इतने उपभोक्ता
- चिरइगांव – 1,30,747
- हरहुआ – 1,18,221
- बरईपुर – 1,78,659
- ईडीसी वाराणसी – 4,27,627
- भेलूपुर -47,196
- चौकाघाट – 47,233
- चेतमणि – 69,226
- मढ़ौली – 60,027
ईडीयूसी प्रथम वाराणसी – 2,23,682
- मछोदरी – 38,296
- वरुणापार- 59485
- सारनाथ – 68,483
- राजघाट – 44,133
- ईडीयूसी द्वितीय वाराणसी -2,10,396
- वाराणसी 8,61,705