बिहार में दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़ते हुए आधुनिक शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
सक्षम आंगनबाड़ी योजना के तहत चयनित 11 केंद्रों को एलईडी टीवी और वाटर फिल्टर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे छोटे बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों को नई दिशा मिलेगी।सीडीपीओ रंजीत कुमार ने बताया कि प्रखंड के कुल 321 केंद्रों में से फिलहाल 11 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है।
इन केंद्रों में गनौड़ा-तरवारा, पटनिया, भवानीपुर, पोखरौनी दक्षिणी, लदहो, बैरमपुर, बिरौल और डुमरी पंचायत के केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों में अब बच्चों को किताबों के साथ एलईडी के जरिए कहानी, कविता, एनीमेशन और शैक्षणिक वीडियो दिखाए जाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में सीखने के लिए प्रेरित करना है, ताकि उनकी शुरुआती शिक्षा मजबूत हो सके। छोटे बच्चों में डिजिटल माध्यम से सीखने की उत्सुकता अधिक होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
इससे न सिर्फ उनकी समझ विकसित होगी, बल्कि स्कूल जाने से पहले ही वे पढ़ाई के प्रति आकर्षित होंगे।वहीं, केंद्रों में वाटर फिल्टर लगाए जाने से बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा कम होगा और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
स्थानीय सेविकाओं और अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे गांव के बच्चों को भी शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरे प्रखंड में प्री-स्कूल शिक्षा की तस्वीर बदलेगी।
टटुआर पंचायत की मनरेगा योजनाओं में डीडीसी ने पाई गड़बड़ी
मनीगाछी । लोकपाल के निर्देश पर टटुआर पंचायत की मनरेगा की भौतिक जांच में डीडीसी कुमार स्वप्निल ने प्रथमदृष्टया गड़बड़ी पाई है। मंगलवार को टटुआर पंचायत के वार्ड नौ,10 में छह खंडों में मनरेगा योजना से बनने वाली सड़क की भौतिक जांच की।
डीडीसी कुमार स्वप्निल ने प्रखंड मुख्यालय में जांच के संबंध में पूछने पर बताया कि सड़क की स्थिति बदतर है। बताया जाता है कि छह खंडों में पीसीसी सड़क को ही पुनः मिट्टीकरण कर सड़क बनाए जाने की इन योजनाओं की शिकायत स्थानीय पवन कुमार झा एवं भगवान झा सहित अन्य लोगों ने लोकपाल से की थी।
लोकपाल के निर्देश पर डीडीसी ने अधिकारियों के दल के साथ पहुंचकर जांच कर प्रखंड मुख्यालय स्थित मनरेगा भवन में पीओ के साथ बैठकर संचिकाओं की भी समीक्षा की। डीडीसी ने बताया कि जांच कर ली गई है।
सड़क की स्थिति पहले से बदतर हो गई है।क्योंकि मामला राज्य लोकपाल के पास है उनके द्वारा जांच रिपोर्ट मांगे जाने पर उन्हें समर्पित किया जाएगा। इस दौरान डीआरडीए निदेशक भुवनेश्वर मिश्र,डीपीओ मनरेगा आमना जोहरा, पीओ आनंद प्रकाश आदि मौजूद थे।
वहीं डीडीसी ने प्रखंड मुख्यालय में बीडीओ के साथ बैठक कर सहयोग शिविर के कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश भी दिए।बीडीओ ने बताया कि शिविर के लिए आवश्यक तैयारी कर ली गई है।