पूर्वांचल सहित वाराणसी में मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में अब राहत ही राहत नजर आ रही है। मानसून आगमन के तीन दिन बीतने के साथ ही मानसूनी सक्रियता ने भी गति पकड़ी है। आइएमडी की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार तक मानसून पूरे उत्तर प्रदेश को कवर कर चुका है। यह अब गुजरात और राजस्थान तक जा पहुंचा है।
मानसून के देर आने और फिर दुरुस्त आने की बात ने राहत दी है। मानसून पूर्वांचल के रास्ते यूपी में सप्ताह भर देरी से भले ही आया लेकिन दो जुलाई तक पूरा प्रदेश कवर कर चुका है। ऐसे में मानसूनी सक्रियता अब शुरू होने के साथ ही राहत की आस भी बन रही है। माना जा रहा है कि लोकल हीटिंंग होने के साथ ही नमी का असर बढ़ने के साथ ही बादल बूंदाबांदी करा सकते हैं।
हालांकि पूर्वांचल में मानसून आने के बाद सिर्फ पहाड़ी क्षेत्रों जैसे सोनभद्र मीरजापुर और चंदौली में ही बेहतर बारिश हो सकी है। इसकी वजह से सोनभद्र में पहाड़ी नदियों और नालों में उफान की सूरत बनने लगी है। जबकि पिछेती खेती की ओर किसान जो उम्मीद लगाए थे वह खेतों की ओर रुख कर चुके हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मौसम का रुख बदलेगा और वातावरण का रुख पूरी तरह से बरसात की ओर होगा।
अब अगले तीन माह तक मानसूनी सक्रियता पूर्वांचल को बादलों और बूंदों से सराबोर रखेगी। जबकि मौसम विभाग ने इस पूरे सप्ताह तक बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी का संकेत दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार समूचे पूर्वांचल के जिलों में मानसूनी सक्रियता प्रभावी है, वातावरण में नमी का साथ मिलते ही बादल बारिश करा देंगे।
इसके साथ ही सोनभद्र, मीरजापुर और चंदौली में गरज चमक के साथ वज्रपात और पूर्वांचल के शेष जिलों में बरसात पर्याप्त होगी। वहीं वाराणसी के अंचलों में एक दिन पूर्व बेहतर बारिश दर्ज की गई है। जबकि शहर में कम बरसात दर्ज की गई है। वहीं पहाड़ों पर मानसून पहुंचने के साथ ही जोरदार बरसात हो रही है। इसकी वजह से पहाड़ों से पानी अब नीचे मैदानों की ओर जल्द आकर बाढ़ की सूरत पैदा करेगी।