श्री डाट काली मनोकामना सिद्ध पीठ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पूजा अर्चना के दौरान मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण ने इस आध्यात्मिक क्षण को और भी दिव्य बना दिया। जहां आस्था और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने 15 मिनट तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य मां डाटकाली के आशीर्वाद से ही पूरा हो पाया है। यहां आकर उन्हें अध्यात्मिक शांति और अद्भूत शक्ति का अहसास हुआ। मंदिर में बिताए क्षण को हमेशा याद रखूंगा।
मां काली के चरणों में नतमस्तक होकर प्रधानमंत्री ने देशवासियों के सुख-समृद्धि व उज्ज्वल भविष्य और विश्व शांति की कामना की। 12 बजकर 10 मिनट पर महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के पुत्र शुभम गोस्वामी प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर पूजा स्थल लेकर गए। पंडित विजेंद्र थपलियाल ने संकल्प कराकर पूजा अर्चना कराई।
माता को फूलमाला व पंचमेवा भेंट किया। परिक्रमा के बाद प्रधानमंत्री ने मंहत रमन प्रसाद गोस्वामी और माता हेमलता गोस्वामी से मुलाकात कर महंत के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। महंत ने प्रधानमंत्री मोदी को चांदी की प्रतिमा, नारियल, चुनरी और मिष्ठान भेंट किया। दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर प्रधानमंत्री मंदिर से बाहर आए।
मंदिर के सेवादार गौरव कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री के मंदिर में आने को लेकर दूर-दूर तक खड़े श्रद्धालुओं में भी उत्साह था। मंदिर को विशेष फूलों से सजाया गया था। 15 मिनट तक प्रधानमंत्री मोदी ने पूजा अर्चना की।
महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र सुन रुक गए पीएम
देहरादून: मंदिर के बाहर सहारनपुर के एक स्कूल की छात्राएं जब पारंपरिक वेशभूषा में महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र का गायन कर रही थी तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके बीच पहुंचे और कुछ देर रुके। प्रधानमंत्री भी इस दौरान भक्ति में डूब गए और तालियां बजाकर मुस्कराते हुए छात्राओं की प्रस्तुति का हौसला बढ़ाया।
48 घंटे के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए खुला मंदिर, उमड़े भक्त
देरहादून: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पूजा अर्चना कार्यक्रम को लेकर बीते रविवार दोपहर दो बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना के लिए प्रवेश बंद कर दिया था। मंगलवार को जब प्रधानमंत्री मंदिर से रवाना हुए तो इसके बाद दोपहर दो बजे मंदिर यथावथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। शाम होते ही काफी भीड़ रही और सामूहिक आरती के साथ दर्शन को लोग उमड़े।