पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 47 नेताओं और समर्थकों को अदालत ने 10-10 साल कैद और पांच लाख पाकिस्तानी रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह फैसला नौ मई 2023 को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामले में दिया गया।
आतंकवाद विरोधी न्यायालय के न्यायाधीश अमजद अली शाह ने रावलपिंडी में यह फैसला सुनाया।
दोषियों को अदालत में अनुपस्थित रहने के कारण भगोड़ा घोषित किया गया था, जिसके बाद उन्हें गैरहाजिरी में सजा सुनाई गई। अदालत ने प्रत्येक दोषी की चल-अचल संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है।
कब हुआ था विरोध प्रदर्शन?
यह विरोध प्रदर्शन उस समय शुरू हुए थे जब पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान को इस्लामाबाद से गिरफ्तार किया गया था।
प्रदर्शन के दौरान रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) के बाहर तोड़फोड़ और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुई थीं।
बलूचिस्तान में मारे गए 15 आतंकवादी
इधर, बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों ने दो अलग-अलग खुफिया अभियानों में 15 आतंकवादियों को मार गिराया। पाकिस्तानी सेना के अनुसार हरनाई जिले में अभियान के दौरान 12 और बसीमा क्षेत्र में तीन आतंकवादी मारे गए। मारे गए आतंकवादियों के पास से हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए।