निज्जर हत्याकांड को लेकर कनाडाई मीडिया के आरोपों को खारिज कर दिया गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और Mark Carney की बैठक में इस मामले समेत द्विपक्षीय सहयोग के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई…

मोदी और कार्नी के बीच हुई बैठक में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्याकांड से जुड़े मुद्दे उठे या नहीं, इस बारे में दोनों तरफ से साफ तौर पर कुछ नहीं बताया गया है।

वैसे दोनों नेताओं के बीच आतंरिक सुरक्षा के मुद्दे पर बात हुई है।

हालांकि भारत सोमवार को कनाडा के एक समाचार पत्र में छपे उस आरोप को खारिज कर दिया है जिसमें यह दावा किया गया है कि भारतीय राजनयिकों ने निज्जर को लेकर सूचनाएं साझा किया था जिसकी वजह से उसकी हत्या हुई। निज्जर की हत्या कनाडा में हुई थी।

मोदी और कार्नी के बीच हुई बैठक में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्याकांड से जुड़े मुद्दे उठे या नहीं, इस बारे में दोनों तरफ से साफ तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। वैसे दोनों नेताओं के बीच आतंरिक सुरक्षा के मुद्दे पर बात हुई है।

हालांकि भारत सोमवार को कनाडा के एक समाचार पत्र में छपे उस आरोप को खारिज कर दिया है जिसमें यह दावा किया गया है कि भारतीय राजनयिकों ने निज्जर को लेकर सूचनाएं साझा किया था जिसकी वजह से उसकी हत्या हुई। निज्जर की हत्या कनाडा में हुई थी।

उन्होंने कहा, ‘ये आरोप बेबुनियाद, राजनीतिक रूप से प्रेरित और कोई ठोस सबूत के बिना लगाए गए हैं, भले ही भारत ने बार-बार सबूत मांगे हों।

भारत का मानना है कि ऐसे मुद्दों को विश्वसनीय कानून प्रवर्तन और अदालती प्रक्रिया के जरिए ही सुलझाया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक या राजनीतिक बयानों के माध्यम से। निज्जर मामले में, हम समझते हैं कि आपराधिक जांच सामान्य कानूनी प्रक्रिया के अनुसार चल रही है। कनाडा में स्थापित कानूनी प्रक्रिया है और मामला उसी के अनुसार आगे बढ़ेगा।’

हमारा मानना है कि अदालत में विचाराधीन संवेदनशील मामलों को बिना सार्वजनिक टिप्पणियों के सामान्य कानूनी प्रक्रिया से ही आगे बढ़ने देना चाहिए।

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