नाबालिग से दरिंदगी करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार, बच्ची की हालत देख सिहर उठे लोग…

साथियों के साथ मिलकर पिस्टल दिखाकर नाबालिग का यौन शौषण करने वाले भगोड़ा घोषित आरोपी को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इसकी पहचान पालम के गुलजार उर्फ सोनू के रूप में हुई है।

इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर उसके तीन साथियों अजय, नीरज और कमल को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, गुलजार लगातार गिरफ्तारी से बच रहा था और कोर्ट ने उसे बीते वर्ष 15 दिसंबर को भगोड़ा घोषित किया था।

पकड़ने के लिए लगी थी टीम

उपायुक्त पंकज कुमार के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की टीम गंभीर अपराधों में शामिल भगोड़े और फरार अपराधियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार काम कर रही थी। इसी बीच आरोपी गुलजार को पकड़ने के लिए एसीपी उमेश बर्थवाल की देखरेख में और इंस्पेक्टर योगेश और इंस्पेक्टर विनोद यादव की देख-रेख में टीम गठित की गई।

टीम ने टेक्निकल सर्विलांस शुरू किया और उन इलाकों में मुखबिरों को तैनात किया जहां आरोपी के छिपे होने का शक था। इसी दौरान 29 अप्रैल को हेड कॉन्स्टेबल राम निवास को जानकारी मिली कि आरोपी गुलजार किसी से मिलने पालम गांव आने वाला है। गुप्त जानकारी पर टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को दबोच लिया।

दरिंदगी देख लोगों की कांप गई थी रूह

पांच अक्टूबर 2024 को एक नाबालिग लड़के के साथ चार लोगों, अजय, नीरज, कमल और गुलजार ने दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए बेरहमी से यौन शौषण किया था। गुलजार ने पिस्टल तानकर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी, जबकि नीरज ने पीड़ित के सिर, पेट, पीठ और प्राइवेट पार्ट्स पर ब्लेड से कई बार हमला।

इसके बाद बारी-बारी चारों ने पीड़ित का यौन शौषण किया, जिससे पीड़ित बेहोश हो गया और आरोपित मौके से फरार हो गए। इसके बाद, एक स्थानीय निवासी ने पीड़ित को बेहोश हालत में पड़ा देखा और उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले गया।

पॉक्सो एक्ट में सजा का प्रविधान

पॉक्सो एक्ट की धारा 6 गंभीर यौन हमले से जुड़ी है और इसमें कड़ी सजा का प्रविधान है, जिसमें कम से कम 20 साल की सजा हो सकती है, जिसे सबसे गंभीर मामलों में उम्रकैद या मौत तक बढ़ाया जा सकता है।

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